News Flash: चित्रकोट विधानसभा उप निर्वाचन-2019,नाम निर्देेशन पत्रों की संवीक्षा में दो उम्मीदवारों का नाम निर्देशन पत्र निरस्त अब सात उम्मीदवार शेष  ||   सोशल मीडिया अकाउंट को आधार से जोड़ने की मांग(लक्ष्मी)  ||   छात्रा से यौन शोषण का आरोपी चिन्मयानंद गिरफ्तार, पूछताछ में बोला- मैं शर्मिंदा हूं(लक्ष्मी)  ||    जानिए बड़ौदा विधानसभा सीट के बारे में(लक्ष्मी)  ||   पाकिस्तान की ओर से राजस्थान में टिड्डी दलों के हमले की आशंका, चार जिले निशाने पर(लक्ष्मी)  ||   राजस्थान में तीन लोगों ने किया 15 साल की लड़की का रेप, आरोपी गिरफ्तार(लक्ष्मी)  ||   राजस्थान का बदला लेंगी मायावती? बसपा के आक्रामक तेवर से कांग्रेस की धड़कनें तेज(लक्ष्मी)    ||   पैसा, पैरवी और पावर वाले विधायक को बचाने में लगी सरकार''(लक्ष्मी)  ||    दारोगा बहाली आदेश को चुनौती देगी राज्य सरकार (लक्ष्मी)  ||   छात्रा के साथ मौलाना ने किया था रेप, मिली ये सजा(लक्ष्मी)  ||  

 नाराज सहकारी बैंक के कर्मचारियों ने जताया विरोध.[प]

15 Feb 2019 12:14pm |

राजनांदगांव।

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में कार्यरत कर्मचारी वेतनमान कमेटी की सिफारिशें लागू नहीं करने के विरोध में लामबंद हो गए हैं। गुरुवार दोहपर को विरोध प्रदर्शन करते हुए उन्होंने जिला पंजीयक सहकारी संस्थाएं के नाम ज्ञापन सौंपकर विरोध जताया है। विरोध में कर्मचारियों ने गुरुवार को काली पट्टी बांधकर काम किया। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक कर्मचारी संघ के अध्यक्ष प्रकाश शुक्ला व महासचिव प्रकाश अखिलेश ने बताया कि 14-16 फरवरी तक काली पट्टी लगाकर इसी तरह विरोध करेंगे। इसके बाद 18 फरवरी को एक दिवसीय बैंक बंद कर धरना प्रदर्शन करेंगे।इसके बाद भी मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में 25 फरवरी से अनिश्चितकालीन बैंक बंद कर धरना प्रदर्शन एवं रैली निकालकर ज्ञापन सौंपेंगे। कर्मचारियों के अनिश्चितकालीन हड़ताल में जाने से किसानों के खाते में धान खरीदी में अंतर की राशि का भुगतान प्रभावित हो जाएगा। संघ के पदाधिकारी व अन्य कर्मचारियों ने बताया कि समस्त बैंकों के वित्तीय स्थिति का आंकलन करते हुए बैंक कर्मचारियों के वेतनमान में 21.48 प्रतिशत की वृद्धि कर वेतनमान संसोधन करने रिपोर्ट दिया गया था, जिसे आज पर्यंत स्वीकृत नहीं किया गया है।

सिफारिश को लागू करने के लिए कर्मचारी संघो द्वारा मुख्यमंत्री, सहकारिता मंत्री, पंचायत एवं स्वास्थ्य मंत्री, वन एवं खाद्य मंत्री सहित जनप्रतिनिधियों को भी अवगत कराया गया था, लेकिन किसी ने सार्थक पहल नहीं की। इससे कर्मचारी हतोत्साहित हैं। बताया गया कि वेतन वृद्धि से शासन पर कोई भार नहीं आएगा। जबकि बैंक के कर्मचारी राज्य शासन के धान खरीदी, कर्जमाफी, धान बोनस भुगतान, सार्वजनिक, वितरण प्रणाली एवं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना जैसे महत्वपूर्ण योजनाओं का क्रियान्वयन जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों के कर्मचारियों द्वारा किया जाता है।



ताजा समाचार



  • Follow us:
.