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डीईओ मरकाम मांग रहे है मार्गदर्शन, मिला नहीं प्रवेश,[सीमा]

01 Jul 2019 12:17pm |

राजनांदगांव,

जिले मे शिक्षा विभाग के जिम्मेदार व्यक्तियों के द्वारा शिक्षा का अधिकार कानून और हाईकोर्ट के आदेशों को धता बताकर प्रतिवर्ष सैकड़ों गरीब बच्चों को निःशुल्क शिक्षा से वंचित किया जा रहा है। वीआईपी जिले में इस सत्र 2019-20 के लिये शिक्षा का अधिकार के अंतर्गत अभी भी 2500 सीट्स रिक्त है और 387 पात्र आवेदनों को स्कूल आंबटित नहीं किया गया है। 
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इसी प्रकार बीत सत्र 2018-19 में भी 2400 रिक्त सीटों पर गरीब बच्चों बच्चों को प्रवेश नहीं दिया गया था, जबकि लगभग 1429 पात्र आवेदनों को वेटिंग लिस्ट में रखा गया था। शिक्षा विभाग की घोर लापरवाही के कारण प्रतिवर्ष सैकड़ों गरीब बच्चों के मौलिक अधिकार का हनन हो रहा है। मा. उच्च न्यायालय बिलासपुर का स्पष्ट आदेश है कि आरटीई की प्रत्येक रिक्त सीटों को भरा जाना चाहिए, लेकिन जिले में इसका खुलआम उल्लघंन हो रहा है। गरीब बच्चों के जीवन व भविष्य के साथ जानबुझकर खिलवाड़ किया जा रहा है। कई शिकायतों के बावजूद भी जिम्मेदार अधिकारियों के द्वारा दोषियों पर आज तक कोई कार्यवाही नहीं किया गया।
जिला शिक्षा अधिकारी जीआर मरकाम जब से जिले में आये है, वे हर बात के लिये डीपीआई से मार्गदर्शन मांगने की बात बोल कर मामले में पर्दा डालने और जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रहे है। उनके अनुसार आरटीई में जो भी त्रुटियां हो रही है, उसके लिये डीपीआई जिम्मेदार है, जबकि आरटीई प्रवेश के लिये जिला शिक्षा अधिकारी जिम्मेदार होता है।
गरीब बच्चें विगत तीन महीनों से निःशुल्क शिक्षा पाने भटक रहे है और शिक्षा विभाग हर दिन नये-नये बहाने बता कर सैकड़ों की संख्या में गरीब बच्चों को निःशुल्क शिक्षा से वंचित कर रहा है। ऑनलाईन जानकारी में गलती, ऑनलाईन मैपिंग में गलती, ऑनलाईन लॉटरी में गलती, ऑनलाईन भर्ती में गलती, लेकिन इन गलतियों के लिये कोई भी दोषी नहीं है।
वर्सन...
फोटो : क्रिष्टोफर पॉल
कानून और हाई कोर्ट के आदेशों को ताक में रखकर शिक्षा विभाग के जिम्मेदार लोग गरीब बच्चों के जीवन व भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे है। विगत एक वर्ष से खुलेआम, जान-बुझकर निजी स्कूलों को लाभ पहंुचाने की नियत से गरीब बच्चों को निःशुल्क शिक्षा से वंचित कर रहा है। पीड़ित पालको ने कई लिखित शिकायत किया लेकिन दोषियों को बचाया जा रहा है।
क्रिष्टोफर पॉल, प्रदेश अध्यक्ष-छग पैरेंट्स एसोसियेशन

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