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  राष्ट्रीय पोषण मिशन की लागू करने की बाद भी अबूझमाड़ के नौनिहाल कुपोषण की चपेट में  

24 Apr 2018 03:24pm |

 

नारायणपुर ।

बेटी बचाओ - बेटी पढ़ाओ के नारे को बुलंद करते राष्ट्रीय पोषण मिशन को जिले में लागू करने की बाद भी अबूझमाड़ के मेटानार पंचायत के आश्रित गांव ब्रेहबेड़ा में नौनिहाल कुपोषण की चपेट में हैं। सरकारी रिकार्ड में बच्चों को तंदुरूस्त बताया जा रहा है जबकि अधिकांश बच्चों के पेट फूले हुए हैं। ब्रेहबेड़ा में मिनी आंगनबाड़ी संचालित करने की बात दस्तावेज कह रहे हैं जबकि हकीकत इसके उलट है। गांव में इस केन्द्र की बुनियाद तक नहीं रखी गई है।

 

अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र ब्रेहबेड़ा के आंगनबाड़ी केन्द्र की हकीकत उजागर करने की खबर से महिला एवं बाल विकास विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग के अधिकारी ओरछा परियोजना कार्यालय से संपर्क कर मामले का ब्योरा मंगा रहे हैं।

 

ब्रेहबेड़ा में मिनी आंगनबाड़ी केन्द्र कागजों में ही चल रहा है। यहां के ग्रामीण कहते हैं कि उनके गांव में आंगनबाडी का संचालन नहीं किया जा रहा है। मालूम हो कि राज्य के नारायणपुर सहित 12 अन्य जिलों को राष्ट्रीय पोषण मिशन में शामिल किया गया है। वर्ष 2016- 17 में कुपोषण की दर 39.23 फीसद थी, जो अब 35.99 फीसद है। इनमें कितनी सच्चाई है। यह ब्रेहबेड़ा के बच्चों को देखकर समझा जा सकता है।

 

  

 


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