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मापदंड पूरी नहीं करने वाले निजी स्कूलों की मान्यता समाप्त करे : पॉल.[अजय कुमार]

21 Dec 2018 05:07pm |
 
राजनांदगांव।


जिले से वीवीआईपी तमगा हटने के बाद एक बार पुनः निजी स्कूलों पर सख्त कार्यवाही की मांग उठने लगी है। राजनीतिक हस्ताक्षेप के कारण जिले में कई अवैध और सुविधाविहिन निजी स्कूलों का संचालन हो रहा है, जिसको लेकर पैरेंट्स एसोसियेशन विगत कई वर्षो से लिखित शिकायत कर रहा है, लेकिन आज तक किसी भी निजी स्कूल पर कोई कार्यवाही नहीं किया गया।
छत्तीसगढ़ में शिक्षा का अधिकार कानून वर्ष 2010 प्रभावशाली हुआ, जिसमें यह स्पष्ट लिखा हुआ है कि 31 मार्च 2013 के बाद किसी भी ऐसे निजी स्कूल को स्कूल संचालित करने की अनुमति नहीं दिया जायेगा, जो आरटीई कानून के प्रावधानों के अनुसार नहीं है।



छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसियेशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिष्टोफर पॉल का कहना है कि मा. उच्च न्यायालय बिलासपुर ने दिनांक 16 नवंबर 2018 को यह निर्णय दिया कि आरटीई कानून के मापदंड पूरा नहीं करने वाले निजी स्कूलों पर शासन कार्यवाही करें। राजनांदगांव जिले में शिक्षा विभाग द्वारा विगत तीन वर्ष पूर्व 33 निजी स्कूलों को नोटिस जारी किया गया था, क्योंकि वे आरटीई कानून के मापदंड को पूर्ण नहीं कर रहे थे, लेकिन बाद में उन सभी निजी स्कूलों को स्कूल संचालित करने की अनुमति दे दिया।


श्री पॉल ने बताया कि उनके द्वारा इस वर्ष लगभग 5 लिखित शिकायत कर सुविधाविहिन निजी स्कूलों की मान्यता समाप्त करने आग्रह किया जा चुका है, लेकिन उन सभी निजी स्कूलों को ठीक चुनाव से पूर्व 2021 तक के लिये स्कूल संचालित करने की विभागीय मान्यता दे दिया, जबकि जिले में संचालित कई निजी स्कूल जो मान्यता शर्तों के मान व मानकों को पूरा नहीं करते और इनके पास आवश्यक अधोसंरचना भी नहीं है फिर भी उन्हें 3 वर्ष के लिये स्कूल संचालित करने की अनुमति दिया गया जो आरटीई कानून की धारा 18 व 19 का स्पष्ट उल्लघंन है।
 
कलेक्टर और प्रभारी डीईओ से राजनांदगांव जिले में मापदंड पूरी नहीं करने वाले अनुदान प्राप्त व गैर अनुदान प्राप्त निजी स्कूलों की मान्यता समाप्त करने की मांग किया गया है।
क्रिष्टोफर पॉल, प्रदेश अध्यक्ष-छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसियेशन
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