बिटकॉइन जैसी डिजिटल मुद्रा से जुड़ी चिंताओं के मद्देनजर अमेरिका क्रिप्टोकरेंसी से जुड़ी गत‌िव‌िध‌ियों पर नजर बनाए हुए है। बिटकॉइन जैसी डिजिटल मुद्रा ने हाल में 10,000 अमेरिकी डॉलर के स्तर को पार कर लिया।


अमेरिका का कहना है कि वह इस घटनाक्रम पर अपनी नजर बनाए हुए है। इधर, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने क्रिप्टोकरेंसी के विनियमन की जरूरत पर बल दिया है।

 

 

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सराह सांडर्स ने कहा, मैं जानती हूं कि यह ऐसा कुछ है जिसकी हमारी टीम द्वारा निगरानी की जानी चाहिए। मुद्रा कोष के प्रवक्ता गैरी राइस ने कहा कि इनिशियल कॉइन ऑफरिंग (आईसीओ) समेत अन्य क्रिप्टोकरेंसी का उचित विनियमन एवं निगरानी किए जाने की जरुरत है।


मुद्रा कोष का मानना है कि इस मामले में बेहतर अंतरराष्ट्रीय सहयोगी विचार-विमर्श करना मददगार होगा। मुद्रा कोष इस मामले में अपनी भूमिका निभा रहा है। आईसीओ एक गैर-विनियमित प्रणाली है जिसका उपयोग क्रिप्टोकरेंसी के लिए कोष जुटाने के लिए होता है।


क्या है क्रिप्टोकरेंसी

इसे एक तरह के कूट संदेश की तरह तैयार किया जाता है। इस डिजिटल मुद्रा से लेनदेन होता है। अतः इसे कूट रखा जाता है, जिससे इसके लेनदेन का सत्यापन किया जा सके और इसे अधिक मात्रा में तैयार नहीं किया जा सके। बिटकॉइन इस तरह की पहली कूटमुद्रा है। इसमें थैंक्सगिविंग सप्ताहांत पर बेहद उछाल देखा गया। इस दौरान एक बिटकॉइन की कीमत 10,000 डॉलर को पार कर गई।