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विभिन्न अनुसंधान एवं विकास परियोजनाओं का लिया जायजा

16 Apr 2018 05:13pm |
 
रायपुरः

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आई.सी.ए.आर.) नई दिल्ली के सचिव श्री छविलेन्द्र राउल ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर में संचालित विभिन्न अनुसंधान परियोजनाओं तथा विकास कार्याें का जायजा लिया। उन्होंने  विगत दिवस कृषि विश्वविद्यालय परिसर में स्थित डाॅ. आर.एच. रिछारिया बायोटेक्नोलाॅजी लैब, बायो कन्ट्रोल लैब, कृषि संग्रहालय, प्रदर्शन एवं तकनीकी स्थानान्तरण केन्द्र (पाॅली हाऊस), तथा औषधीय, सुगंधित एवं अकाष्ठीय वनोपज फसल उत्कृष्टता केन्द्र में संचालित अनुसंधान गतिविधियों का अवलोकन किया। श्री राउल ने विश्वविद्यालय परिसर में निर्माणाधीन प्रेक्षागृह का निरीक्षण भी किया। उन्होंने विश्वविद्यालय में हो रहे अनुसंधान एवं विकास कार्याें की सराहना की। 

 
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के भ्रमण के दौरान श्री राउल ने सबसे पहले डाॅ. रिछारिया बायोटेक लैब का अवलोकन किया। उन्होंने वहां हो रहे अनुसंधान कार्याें के साथ ही डाॅ. आर.एच. रिछारिया द्वारा संग्रहित धान की 23 हजार 250 किस्मों के जननद्रव्य का अवलोकन किया। श्री राउल ने बायो कन्ट्रोल लैब में विभिन्न फसलों में कीटांे एवं रोगों के जैविक नियंत्रण के लिए किये जा रहे अनुसंधान कार्याें का जायजा लिया। उन्होंने वहां ट्राइकोडर्मा, ट्राइकोग्रामा, वर्मीकम्पोस्ट आदि के उत्पादन की प्रविधि के बारे में जानकारी प्राप्त की। इसके पश्चात वे कृषि संग्रहालय पहुंचे जहां कृषि के प्रादुर्भाव से लेकर आज की उन्नत कृषि प्रौद्योगिकी युग तक हुए कृषि विकास की झांकी माॅडलों के माध्यम से प्रस्तुत की गई है। यहां छत्तीसगढ़ के विभिन्न कृषि जलवायविक क्षेत्रों में होने वाली फसलें, उनकी विभिन्न प्रजातियों, उत्पादन तकनीक, पौध संरक्षण तकनीक, फसल प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन प्रौद्योगिकी आदि को नक्शों, चार्टस, ग्राफ्स एवं माॅडल्स के द्वारा प्रदर्शित किया गया है। श्री राउल ने यहां हमर छत्तीसगढ़ योजना के तहत भ्रमण करने आए पंचायत पदाधिकारियों से मुलाकात भी की। 


श्री राउल ने विश्वविद्यालय परिसर में स्थित प्रदर्शन एवं तकनीकी स्थानान्तरण केन्द्र (पाॅली हाऊस) में उच्च मूल्य की फसलों की खेती का भी जायजा लिया। यहां तरबूज, खरबूज, खीरे, शिमला मिर्च, पान, ड्रेगन फ्रूट आदि मूल्यवान फसलों का नियंत्रित वातावरण में उत्पादन किया जा रहा है। उन्होंने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के सहयोग से निर्माणाधीन प्रेक्षागृह का निरीक्षण भी किया। श्री राउल ने औषधीय, सुगंधित, अकाष्ठीय वनोपज उत्कृष्टता केन्द्र में विभिन्न औषधीय, सुगंधित तथा अकाष्ठीय वनोपज फसलों के प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन प्रौद्योगिकी तथा उनसे निर्मित उत्पादों के बारे में जानकारी प्राप्त की। श्री राउल के भ्रमण के दौरान इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के संचालक अनुसंधान डाॅ. एस.एस. राव, निदेशक विस्तार सेवाएं डाॅ. ए.एल. राठौर, निदेशक षिक्षण डाॅ. एम.पी. ठाकुर सहित विश्वविद्यालय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तथा अनेक कृषि वैज्ञानिक उपस्थित थे। 



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