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छुट्टी पर आए जवान ने शुरू किया बचाव कार्य जान जोखिम में डालकर मदद के लिए आए हजारों लोग[प]

16 May 2018 12:05pm |

वाराणसी. 

चौकाघाट-लहरतारा निर्माणाधीन फ्लाईओवर के दो स्लैप मंगलवार को वाइब्रेशन (कंपन) के चलते गिर गए। हादसा शाम 5.25 बजे के करीब हुआ। स्लैप गिरने से एक बस, आधा दर्जन बाइक, कार और ऑटो उसकी चपेट में आ गए जिस कारण 18 लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद मिर्जापुर के रहने वाले आईटीबीपी के जवान रवींद्र सैनी ने बताया कि वह रोडवेज बस पकड़ने जा रहे थे। पीछे ऑटो में बैठे थे। सामने स्लैप को अपनी आंखों से गिरता देखा। धमाके के साथ शोर शुरू हो गया और लोग भागने लगे। जवान ने हादसे के बाद लोगों से राहत और बचाव के लिए अपील की जिसके बाद हजारों लोग मदद के लिए सामने आए।

 

- जवान ने बताया कि आधा दर्जन कारें पूरी तरह पिचक गईं। अंदर कई लोग फंसे थे जिन्हें बचाने के लिए कुछ लोग उसके साथ आए और रेस्क्यू शुरू हुआ। लोग ऐसे दबे थे कि इंच भर हिल भी नहीं पा रहे थे। बॉडी पार्ट कट गए थे। बस सांसे चल रही थी और मौत मांग रहे थे। एइ ऍन कॉलोनी के सामने कैंट रेलवे स्टेशन पर ट्रेन पकड़ने जा रहे दर्जनों यात्रियों और स्थानीय लोगों ने गाड़ियों में फंसे लोगों को बचाने का काम शुरू कर दिया।

5.45 बजे पहुंची पुलिस, तब तक मदद में जुटे थे लोग
- मौके पर मौजूद कई लोगों ने बताया कि पुलिस के कुछ जवानों के पहुंचते ही लोग विरोध करने लगे। मौके पर करीब 10 हजार लोग मदद करने के लिए पहुंच गए थे। तमाम लोग मंजर देखकर बेहोश होते रहे और घर चले गए। 
- स्थानीय लोगों ने ऑटो और बस के बीच फंसे चचेरे भाई नसरुद्दीन और शकील को बमुश्किल बाहर निकाला गया। 6.10 बजे मौके पर मौजूद लोग हर-हर महादेव का नारा लगाते हुए स्लैप को उठाने में मदद करने लगे। 7.40 बजे तक करीब आठ क्रेन मौके पर आ गई और एनडीआरएफ और लोगों की मदद से कार से बुजुर्ग महिला की लाश निकाली गई।

क्रेन स्लैप को उठा पाने में असफल रहा तो जान जोखिम में डालकर दर्जनों लोग पिछले हिस्से पर चढ़े
- मौके पर मौजूद महेश कुमार जायसवाल ने बताया कि पुलिस और लोगों ने रास्ते के पास की दीवार को तोड़कर क्रेन को बैक कराया। आठ क्रेन और करीब 100 से ऊपर लोग क्रेनों के पिछले हिस्से में चढ़ाये गए और स्लैप को उठाने का प्रयास किए गए। मदद करने वाले में हर-हर महादेव के नारे से एक किलोमीटर का इलाका गूंज उठा।
- 8.20 बजे 39 जीटीसी के 40 से ऊपर जवानों ने मोर्चा संभाला। क्रेनों के साथ जेसीबी लगवाकर स्लैप को हल्का ऊपर करवाकर एक कार को बाहर निकाला गया। 
- इस दौरान खून से सने डेडबॉडी और घायलों को अस्पताल पहुंचाने का क्रम जारी हुआ।
- 8.40 बजे बस को निकालने में एनडीआरएफ जुटी लेकिन पहली बार विफल रही। 9.15 बजे सेना, एमडीआरएफ और लोगों ने फिर से प्रयास शुरू किया और स्लैप को ऊपर उठा दिया और बस को दाएं-बाएं हिलाते आगे बढ़ा दिया गया।

अक्टूबर, 2015 से शुरू हुआ था पुल निर्माण का काम
-वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है और सिगरा थाना क्षेत्र के लहरतारा इलाके में इस फ्लाईओवर के निर्माण के लिए 2 मार्च, 2015 को 12973.80 लाख रुपये की राशि मंजूर की गई थी। अक्टूबर 2015 में पुल बनना शुरू हुआ।
- पुल का निर्माण पूरा करने की सीमा अक्टूबर 2018 तय थी, लेकिन अब तक 47 फीसदी काम ही पूरा हो पाया है। 
- पुल को बनाने का काम उत्तर प्रदेश सेतु निर्माण निगम द्वारा किया जा रहा है।

 
 
 
 
 

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