प्रदेश की पूर्व सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट के तौर पर देखा जाने वाला प्रोजेक्ट स्काई वॉक मौजूदा सरकार के गले की हड्डी बन गया है, जो न तो निगलते बन रहा है और न ही उगलते। स्काई वॉक के फैसले को लेकर सरकार द्वारा विधायक सत्यनारायण शर्मा की अध्यक्षता में बनाई गई कमेटी जांच कर रही है। जांच कमेटी लोगों का सुझाव ले रही है, जिसमें महाराष्ट्र में मेट्रो ट्रेन चलाने वाली टीम से भी सुझाव लिया गया है।

टीम ने जहां नवा रायपुर से टाटीबंध तक मेट्रो ट्रेन चलाने का सुझाव दिया है, वहीं स्काई वॉक के फाउंडेशन को कमजोर बताते हुए उसकी जांच करने का सुझाव दिया है। वहीं कुछ लोगों ने स्काई वॉक को हिंगिंग गार्डन तो कुछ लोगों ने सुपर मार्केट बनाने का सुझाव दिया है।

 

जांच कमेटी के अध्यक्ष और रायपुर ग्रामीण के विधायक का कहना है कि पब्लिक के पैसे का सदुपयोग हो, ऐसे ही सुझाव पर निर्णय लिया जाएगा। इसके पहले भी सरकार ने आम लोगों का सुझाव लिया था। उस दौरान किसी ने बाजार बनाने की बात कही थी तो किसी ने अन्य सुझाव दिया था।

ज्ञात हो कि राजधानी में बढ़ती आबादी और यातायात, सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने 2016-17 में 1470 मीटर लंबे स्काई वॉक का काम शुरू कराया था। मूल रूप से 42 करोड़ 55 लाख रुपये की यह परियोजना आठ माह में पूरी होनी थी, लेकिन इसे फिर से बढ़ाया गया।

अब इसकी कुल लागत 77 करोड़ रुपये हो गई है। इस परियोजना का 60 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। अधिकारियों ने बताया कि सरकार ने ठेका एजेंसी को 34 करोड़ रुपये का भुगतान भी कर दिया है। कांग्रेस पार्टी द्वारा इस प्रोजेक्ट को जनता के पैसों का दुरुपयोग बताकर जोर-शोर से विरोध किया जा रहा था। इस वर्ष हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के सत्ता में आते ही पिछली सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट पर रोक लगा दी है।

हैंगिंग गार्डन बनाने का सुझाव

स्काई वॉक के सुझाव के लिए 22 सदस्यीय एक कमेटी गठित की गई है। इस कमेटी में विधायक, महापौर, पूर्व महापौर जैसे तमाम दिग्गज शामिल हैं। कमेटी लोगों से सुझाव ले रही है। कमेटी के पास जो सुझाव आ रहे हैं, उसमें कोई स्काई वॉक को हैंगिंग गार्डन बनाने की सुझाव दे रहा है तो कोई सुपर मार्केट बनाने की बात कह रहा है। जांच टीम के सदस्यों का कहना है कि अभी तक एक भी ऐसा सुझाव नहीं आया है, जिस पर अमल किया जा सके।

मेट्रो की टीम ने दिया सुझाव

स्काई वॉक की जांच कमेटी ने महाराष्ट्र स्थित पूना और नागपुर में मेट्रो चलाने वाली टीम को बुलाया था। टीम ने सुझाव दिया है कि नवा रायपुर से टाटीबंध तक मेट्रो ट्रेन चलाई जा सकती है। मेट्रो ट्रेन चलने से लोगों को काफी राहत मिलेगी। वहीं उन्होंने स्काई वॉक के फाउंडेशन को बेहत कमजोर बताया है। उन्होंने कहा कि स्काई वॉक के फाउंडेशन की विस्तृत जानकारी लेकर उसकी जांच करनी पड़ेगी। उसके बाद ही कुछ कह पाना संभव होगा।

जांच कमेटी की 19 को होगी बैठक

जांच कमेटी के अध्यक्ष ने बताया कि 19 सितंबर को मेडिकल कॉलेज के हॉल में बैठक बुलाई गई है। बैठक में जांच कमेटी के साथ-साथ कई विभाग के लोगों को बुलाया गया है। इसमें मेट्रो ट्रेन चलाने वालों को भी बुलाया गया है। बैठक में सबका सुझाव लिया जाएगा। उसके बाद स्काई वॉक के ऊपर तथा उसके फाउंडेशन की जांच की जाएगी।

पब्लिक के पैसे का दुरुपयोग न हो। अच्छा प्रस्ताव आएगा तो सरकार उसका स्वागत करेगी, जिससे पब्लिक को आराम मिले।