हरियाणा में डीजीपी मनोज यादव को हटाने की जिद पर अड़े गृह मंत्री अनिल विज, मतभेद के हैं ये 6 कारण

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हरियाणा में डीजीपी मनोज यादव को सेवा विस्तार देने से गृह मंत्री अनिल विज नाराज हैं। विज ने गृह सचिव को पत्र लिखा है। मंत्री ने कहा कि डीजीपी के पद पर नियुक्ति के लिए दूसरे अफसरों का पैनल लोक सेवा आयोग भेजा जाए।

जेएनएन, चंडीगढ़। हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज और पुलिस महानिदेशक (DGP) मनोज कुमार यादव के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। दो साल का कार्यकाल पूरा कर चुके पुलिस महानिदेशक को अगले आदेश तक सेवा विस्तार देने के हरियाणा सरकार के फैसले पर गृह मंत्री अनिल विज ने सवाल उठा दिए हैं। गृह मंत्री ने मनोज यादव को पुलिस महानिदेशक के पद पर सेवा विस्तार देने को गैरवाजिब करार देते हुए गृह सचिव को आदेश दिए हैं कि वह नए पुलिस महानिदेशक के लिए लोक सेवा आयोग के पास आइपीएस अधिकारियों के नाम का नया पैनल तुरंत भेजें।

गृह मंत्री अनिल विज ने गृह सचिव को साफ शब्दों में कह दिया है कि इस कार्य में हुई देरी अथवा कानूनी दिक्कतें पैदा होने की स्थिति में सारी जिम्मेदारी उनकी होगी। पुलिस महानिदेशक मनोज यादव 1988 बैच के आइपीएस अधिकारी हैं और उनका दो साल का कार्यकाल 21 फरवरी को पूरा हो चुका है। सुप्रीम कोर्ट की हिदायतें हैं कि डीजीपी के पद पर कोई आइपीएस अधिकारी कम से कम दो साल रह सकता है। इससे ज्यादा समय के लिए नियुक्ति का अधिकार हालांकि राज्य सरकार के पास है, जिसे आधार बनाते हुए हरियाणा सरकार की ओर से गृह सचिव राजीव अरोड़ा ने पिछले दिनों एक आदेश जारी किया, जिसमें कहा गया कि मनोज यादव डीजीपी के पद पर नियुक्त रहते हुए अगले आदेश तक काम करते रहेंगे।

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