क्या देश के दुश्मनों की पहचान परिंदे भी कर लेते हैं? बिहार के वैशाली जिले में यह सवाल आज चर्चा में है। मामला एक जासूस विदेशी पक्षी को स्थानीय परिंदों द्वारा मार गिराने का है। बताया जाता है कि ऐसे पक्षी राजस्‍थान में पाकिस्‍तानी सीमा से आते रहे हैं। यह मामला जांच का विषय है, लेकिन सवाल यह है कि क्‍या यह पक्षी पाकिस्‍तानी खुफिया संगठन आइएसआइ के किसी अभियान का हिस्‍सा था? 

पाकिस्‍तान के जासूस पक्षी से भिड़ गए यहां के परिंदे, मार गिराया तो खुला ये अहम राज

मृत पक्षी के शरीर में लगी मिली जासूसी डिवाइस

वैशाली के महनार थाना के हसनपुर गांव में बाहर से आए एक पक्षी को स्थानीय पक्षियों ने मार गिराया। मरे पक्षी के शरीर पर लगी डिवाइस से इलाके में सनसनी फैल गई। इससे उसे जासूसी के लिए इस्तेमाल किए जाने की आशंका जताई गई है। सूचना पर पहुंचे महनार थानाध्यक्ष ने जांच व कार्रवाई के लिए पक्षी का शव वन विभाग को सौंप दिया है।

परिंदों की लड़ाई देखने उमड़ पड़ी भीड़

हसनपुर गांव निवासी महनार के पूर्व प्रखंड प्रमुख सच्चिदानंद सिंह के घर के निकट गुरुवार को स्थानीय पक्षियों ने बाहर से आए पक्षी को घेर कर मार डाला। करीब आधे घंटे चली पक्षियों की लड़ाई देखने के लिए भारी भीड़ लग गई थी। मृत पक्षी के गिरते ही उसे देखने ग्रामीण जब नजदीक पहुंचे तो उसके शरीर में डिवाइस लगी दिखी। पैर में पीतल का एक टैग भी था। इसकी जानकारी थाना को दी गई।

पाकिस्‍तान से आते रहे ऐसे पक्षी

पुलिस सूत्रों के अनुसार इस प्रकार की डिवाइस लगे पक्षी अक्सर पाकिस्तान से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर राजस्थान के जैसलमेर आदि जिलों में मिलते रहे हैं। ऐसे पक्षी सीमा पार से आते रहे हैं। महनार थानाध्यक्ष उदय शंकर ने पक्षी के शव को वन विभाग को जांच के लिए सौंप दिया गया है।

बड़ा सवाल: किसलिए आया था पक्षी?

सवाल यह है कि यह पक्षी बिहार में क्‍या कर रहा था? अगर यह वाकई पाकिस्‍तान से आया था तो क्‍या पाकिस्‍तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ के किसर अभियान का हिस्‍सा था? बिहार में लोकसभा चुनाव प्रचार को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित तमाम बड़े नेताओं की आवाजाही कोदेखते हुए यह सवाल बड़ा है।