वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण  अब से कुछ देर बाद संसद में अपना बजट पेश करेंगी। Modi 2.0 का यह पहला पूर्ण बजट है। इससे पहले इसी साल फरवरी महीने में मोदी सरकार ने 2019-20 का अंतरिम बजट पेश किया गया था। ऐसे में नई सरकार के इस बजट से हर किसी को उम्मीदें हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि निर्मला सीतारमण  आज जिस बजट को पेश करेंगी उसे बनाने वाली टीम में कौन-कौन शामिल है? तो चलिए हम आपको Modi 2.0 का पहला पूर्ण बजट बनाने वाली टीम के बारे में बताते हैं।

Budget 2019 Live: मिलिए निर्मला सीतारमण की टीम से जिसने बनाया है आपका बजट


कृष्णांमूर्ति सुब्रमण्यन PM Narendra Modi की Modi 2.0 में मुख्य आर्थिक सलाहकार हैं। गुरुवार को के. सुब्रमण्यन ने आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया था। ‘के. सुब्रमण्यन’ के बैकग्राउंट के बारे में बताएं, तो इन्होंने अमेरिका की शिकागो यूनिवर्सिटी से फाइनेंशियल इकोनोमिक्स में PHD की है। खास बात यहां यह है कि ‘के. सुब्रमण्यन’ ने अपनी PHD प्रोफेसर लुइगी जिंगालेस और आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन के अंडर में की है। निर्मला सीतारमण के बजट में उनकी सलाह बहुत अहम हो सकती है।

सुभाष गर्ग

सुभाष गर्ग वित्त एवं आर्थिक मामलों के सचिव हैं। सुभाष, वित्त मंत्रालय के अनुभवी मेंबर्स के तौर पर पहचाने जाते हैं। ग्रोथ रेट से लेकर निजी निवेश तक जैसी चुनौतियों का सामना करने के लिए इनका अनुभव काफी काम आएगा।गुजरात कैडर के IAS अधिकारी जीसी मुर्मू व्यय सचिव हैं। जीसी मुर्मू वित्तींय सेवाओं और राजस्वर विभाग में अपना योगदान दे चुके हैं। योजनाओं को ग्राउंड पर पहुंचाने के लिए इनके काम को काफी सराहा गया है। बजट 2019 में उनकी सलाह इसलिए भी अहम मानी जा रही है, क्योंकि पीएम नरेंद्र मोदी की कई महत्वाकांक्षी योजनाओं को ग्राउंड लेवल पर पहुंचाने के लिए सरकार जीरो टॉलरेंस पॉलिसी अपना रही है।

अजय भूषण पांडेय

अजय भूषण पांडेय राजस्व सचिव है। इन्हें आधार कार्ड से जुड़ी यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी में शानदार काम के लिए पहचाना जाता है। इनके सामने राजस्वज बढ़ाने और टैक्स पेयर्स की सुविधा को देखते हुए तकनीक का विस्तार करना एक बड़ी चुनौती होगी। खर्च बढ़ाने को लेकर वित्तमंत्री को दिया इनका सुझाव काफी अहम होगा। राजीव कुमार वित्तींय सेवा मामलों के सचिव हैं। राजीव कुमार की मोदी सरकार के कई बड़े प्रोजेक्ट्स में अहम भूमिका रही है। इनमें सार्वजनिक बैंकों का विलय, फंसे हुए ऋण पर अंकुश जैसी बातें शामिल हैं। बीमा कंपनियों के विलय और बैंकिंग क्षेत्र में सुधार जैसी जिम्मेतदारियां राजीव कुमार के कंधों पर है।