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पूर्व सीएम शिवराज के बयान पर सीएम भूपेश का पलटवार, रमन पर भी हमला..[मुकुन्द]

11 Aug 2019 01:18pm | MUKUND
 

हेमंत शर्मा,रायपुर। दिल्ली में कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक से वापस मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम रायपुर वापस लौट आए हैं. मुख्यमंत्री भूपेश ने मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के नेहरू को क्रिमिनल बताने वाले बयान पर पलटवार किया. उन्होंने कहा कि शिवराज सिंह का अमित शाह के बारे में क्या खयाल है, ये भी वो स्पष्ट करें. जिस समय नेहरू राजनीति कर रहे थे देश के आजादी की लड़ाई लड़ रहे थे. जितने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी हुए उसमें सबसे ज्यादा समय तक नेहरू जेल में रहे हैं. यदि देश की आजादी के लड़ाई के लिए जेल जाना भाजपा और शिवराज सिंह के नजर में क्राइम है, तो ऐसे हम लोग क्राइम करते रहेंगे ‘रमन सिंह अपना मानसिक संतुलन खो बैठे हैं’

पूर्व सीएम रमन सिंह के विकास दर को लेकर दिए बयान पर भी सीएम भूपेश ने पलटवार करते हुए कहा कि रमन सिंह अपना मानसिक संतुलन खो बैठे है. ये जो आंकड़े आये है वो 2018-19 के है. ये उनके कार्यकाल का है. जवाब तो उनको देना चाहिए कि कैसे कम हुआ. पूरा प्रदेश जानता है कि राज्य को बर्बाद करने वाला या कमीशनखोरी को बढ़ावा देने वाला आदमी है तो वो रमन सिंह है. ये भी नहीं पता कि जो सूची आई है वो 2018-19 की है.  

सोनिया गांधी के अनुभव का लाभ मिलेगा पार्टी को

सीडब्ल्यूसी की बैठक में काफी गहन विचार-विमर्श के बादी अंतरिम अध्यक्ष रूप में सोनिया गांधी पर एक बार फिर से सब ने विश्वास व्यक्त किया है. राहुल गांधी ने इस्तीफा दिया तो फिर दोबारा वापस लेने का सवाल ही नहीं उठता है. ऐसी स्थिति में सोनिया गांधी को जिम्मेदारी दी गई और उनका लंबा अनुभव रहा है मैं समझता हूं कांग्रेस के पास में सर्वाधिक लंबे समय तक अध्यक्ष रूप में काम करने का अनुभव उनके पास है. उनके कार्यकाल में विधानसभा ही नहीं बल्कि दो बार लोकसभा का चुनाव भी जीते है. जो असमंजस की स्थिति बनी हुई थी जो बादल छाए हुए थे वह छठ गए हैं. अध्यक्ष इस्तीफा दे रहे तो ऐसे समय में संविधान में व्यवस्था है कि जब तक के अगला अध्यक्ष नहीं चुना जाता तब तक अंतरिम अध्यक्ष होता है. इसके बाद जब मेंबरशिप होगा फिर ब्लॉक जिला पर उसके बाद चुनाव होता है तब तक अंतरिम अध्यक्ष काम करेगा.

जोगी को बाहर का रास्ता दिखाया, तभी आज सरकार में है

प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि अजीत जोगी को छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री बनने का मौका पार्टी ने दिया. 2003 के चुनाव में उनके नेतृत्व में चुनाव लड़े थे. छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार बाहर हुई. इसके बाद 2008 और 2013 का चुनाव का कांग्रेस पार्टी ने लड़ा. हिम्मत करके जोगी को बाहर का रास्ता दिखाया गया. इसलिए आज हम लोग सरकार में है. उनके जाती मामले में सुप्रीम जांच चल रही है. जांच में सब कुछ क्लियर हो जाएगा.


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