एथिनिक ज़ोहर टूरिस्ट रिसॉर्ट, सरोदा दादर

छत्तीसगढ़ का सरोधा–दादर अब केवल एक गाँव नहीं, बल्कि पर्यटन का नया केंद्र बनकर उभरा है। प्राकृतिक सुंदरता, जैव विविधता और सांस्कृतिक समृद्धि से भरपूर यह स्थल अब पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है।

दुनिया का सबसे बड़ा सोलर प्लांट: “पेरिस से 5 गुना बड़ा… चांद से भी दिखाई देगा” — खावड़ा में अडानी ग्रुप का मेगा प्रोजेक्ट

अडानी ग्रुप दुनिया की सबसे बड़ी सोलर एनर्जी परियोजना बनाने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) गुजरात के कच्छ जिले के खावड़ा क्षेत्र में 520 वर्ग किलोमीटर में फैला एक विशाल सोलर पार्क विकसित कर रही है — जिसे दुनिया का सबसे बड़ा रिन्यूएबल एनर्जी पार्क माना जा रहा है। एजेंडा आजतक के मंच पर दिए गए अपने पहले विस्तृत टीवी इंटरव्यू में अडानी इंटरप्राइजेज लिमिटेड के डायरेक्टर प्रणव अडानी ने इस परियोजना की व्यापकता और भविष्य की रणनीति का खुलासा किया। ⭐ “पेरिस से 5 गुना बड़ा सोलर पार्क” प्रणव अडानी ने बताया कि खावड़ा में तैयार हो रहा यह सोलर पार्क इतना विशाल है कि— कुल 520 वर्ग किमी का क्षेत्र किसी संपूर्ण छोटे देश या बड़े वैश्विक शहर के आकार के बराबर है, जो इसे ऊर्जा क्षेत्र का एक ऐतिहासिक प्रोजेक्ट बनाता है। ⭐ 2030 तक दुनिया की सबसे बड़ी रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी बनने की राह प्रणव अडानी के अनुसार: “अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड 2030 तक दुनिया की सबसे बड़ी रिन्यूएबल एनर्जी जनरेशन कंपनी बनने की दिशा में अग्रसर है।” अभी यह दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली हरित ऊर्जा कंपनियों में से एक है।कंपनी का उद्देश्य— ⭐ खावड़ा प्रोजेक्ट इतने बड़े स्तर पर क्यों खास है? ✔ दुनिया का सबसे बड़ा रिन्यूएबल एनर्जी पार्क ✔ सोलर + विंड हाइब्रिड तकनीक ✔ 520 sq km में फैला — कई देशों की राजधानी से बड़ा ✔ अरबों डॉलर की निवेश क्षमता ✔ लाखों घरों को बिजली देने की क्षमता ✔ भारत के नेट-ज़ीरो मिशन को बड़ा सपोर्ट यह प्रोजेक्ट भारत को उन देशों की लाइन में खड़ा करेगा, जो बड़े पैमाने पर ग्रीन एनर्जी एक्सपोर्ट कर सकते हैं। ⭐ “5 चाल आगे सोचने वाली रणनीति” — प्रणव अडानी इंटरव्यू में प्रणव अडानी को भारत की कॉर्पोरेट दुनिया में एक ऐसे खिलाड़ी के रूप में पेश किया गया—जो शतरंज की तरह 5 चाल आगे सोचकर रणनीति बनाते हैं।उन्होंने विस्तार से बताया कि कैसे अडानी ग्रुप— को एक एकीकृत मॉडल में जोड़कर भविष्य का फ्रेमवर्क तैयार कर रहा है। ⭐ भारत की ऊर्जा क्रांति में बड़ा कदम खावड़ा का यह मेगा सोलर प्रोजेक्ट ना सिर्फ भारत की ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाएगा, बल्कि देश को ग्रीन एनर्जी सुपरपावर बनाने की दिशा में भी निर्णायक साबित होगा।

अमेरिकी सांसद बोले—‘चीन का बढ़ता खतरा, अमेरिका को भारत की पहले से ज्यादा जरूरत’

अमेरिका और भारत के संबंधों पर आयोजित एक महत्वपूर्ण सुनवाई के दौरान अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के सदस्य बिल हुइजेंगा ने भारत को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने माना कि मौजूदा वैश्विक समीकरणों और चीन के बढ़ते खतरे के बीच अमेरिका को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की पहले से कहीं अधिक जरूरत है। सुनवाई के दौरान हुइजेंगा ने यह टिप्पणी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मौजूदगी में की, जिससे इसे और भी राजनीतिक तौर पर अहम माना जा रहा है। ‘भारत–अमेरिका संबंध 21वीं सदी के निर्णायक रिश्ते’ अमेरिकी सांसद ने कहा कि आज भारत और अमेरिका का रिश्ता केवल महत्वपूर्ण नहीं, बल्कि 21वीं सदी का निर्णायक संबंध बन चुका है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि अमेरिका को— तो उसे भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना होगा। ‘भारत के साथ डील बेहद जरूरी’—अमेरिकी सांसद बिल हुइजेंगा ने कहा: “अगर अमेरिका एक स्वतंत्र इंडो-पैसिफिक क्षेत्र चाहता है और सही तरीके से काम करने वाली सप्लाई चेन चाहता है, तो उसे भारत की बहुत ज्यादा जरूरत है। भारत के साथ हमारी डील महत्वपूर्ण है।” उन्होंने यह भी माना कि भारत की स्वतंत्रता के बाद दोनों देशों के संबंधों में कई बार बदलाव आए—गुटनिरपेक्षता और स्वतंत्र विदेश नीति जैसे कारक भारत की रणनीतिक पहचान बनाते रहे। इसके बावजूद दोनों देश साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और स्वतंत्र व स्थिर हिंद-प्रशांत क्षेत्र की समान दृष्टि पर साथ खड़े हैं। क्यों माना जा रहा है यह बयान महत्वपूर्ण?

छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण आंदोलन के अग्रणी नेता पूर्व केन्द्रीय मंत्री शहीद श्री विद्याचरण शुक्ल जी के राज्य निर्माण में योगदान

रायपुर. छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर पृथक छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण आंदोलन के अग्रणी नेता पूर्व केन्द्रीय मंत्री शहीद श्री विद्याचरण शुक्ल जी के राज्य निर्माण में योगदान को स्मरण करने 31 अक्टूबर, दोपहर 2.00 बजे विचार गोष्ठी शुक्ल भवन, बूढ़ापारा में सम्पन्न हुई. पूर्व मंत्री अमितेष शुक्ल ने उपस्थित जनों को सम्बोधित करते हुए कहा कि पृथक छत्तीसगढ़ राज्य स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं अविभाजित मध्यप्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री पं. रविशंकर शुक्ल एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री शहीद श्री विद्याचरण शुक्ल की देन है. बस्तर पहले आंध्रप्रदेश में समाहित किया जा रहा था जिसे पं. रविशंकर शुक्ल के विरोध के कारण मध्यप्रदेश में ही रहने दिया गया. अगर बस्तर मध्य प्रदेश से अलग हो जाता तो छत्तीसगढ़ नहीं बन पाता. शहीद श्री विद्याचरण शुक्ल ने प्रबुद्ध जनों की मांग पर छत्तीसगढ़ संघर्ष मोर्चा का गठन किया. रायपुर, दुर्ग, महासमुंद आदि जिलों में जेल भरो आंदोलन, छत्तीसगढ़ महाबंद, एवं विशेष ट्रेन बुक कर दिल्ली में 10 हजार से ज्यादा आंदोलनकारियों ने संसद घेराव किया जहां आंदोलनकारियों पर लाठी चार्ज, पानी बौछार एवं अश्रु गैस की गोली चलाई गई. इसमें सैकड़ों आंदोलनकारी घायल हुए. सभी ने अपनी गिरफ्तारी भी दी. वर्तमान भाजपा सरकार राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ धूमधाम से मनाने जा रही है परन्तु पृथक छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के अग्रणी नेता शहीद श्री विद्याचरण शुक्ल एवं आंदोलनकारियों को विस्मृत कर रही है जो उचित नहीं है. परिषद के महामंत्री रामअवतार देवांगन ने भी संघर्ष मोर्चा के गठन एवं आंदोलनों पर अपने अनुभवों को साझा किया. गोष्ठी में सभी ने अपने अनुभवों को साझा किया.विचार गोष्ठी में प्रमुख रुप से पूर्व मंत्री अमितेष शुक्ल, महामंत्री रामअवतार देवांगन, प्रवक्ता नितिन कुमार झा, चन्द्रशेखर शुक्ला, सलाम रिजवी, बीरेश शुक्ला, डॉ. उदयभान सिंह चौहान, कोरमा राव भिलाई, अधिवक्ताद्वय मनोज ठाकुर, संजय मिश्रा अभनपुर, आभा मरकाम, शिरीष अवस्थी, विकास गुप्ता, चौलेश्वर चन्द्राकर, अनुभवचरण शुक्ल, गंगा यादव, पुष्पेंद्र परिहार, रवि शर्मा, राहुल शुक्ला आदि उपस्थित थे.गोष्ठी में यह तय हुआ कि 1 नवम्बर को प्रात: 10 बजे श्री विद्याचरण शुक्ल उद्यान में विद्या भैया की प्रतिमा में पुष्पांजलि अर्पित की जायेगी एवं 21 जनवरी 2026 को वृहद प्रादेशिक कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया जायेगा.कार्यक्रम का संचालन चौलेश्वर चन्द्राकार एवं आभार प्रदर्शन अनुभवचरण शुक्ल ने किया. उक्त जानकारी प्रवक्ता नितिन कुमार झा ने दी.

सुनीता विलियम्स 9 महीने बाद अंतरिक्ष से लौटीं, जानिए उनकी सैलरी और सुविधाओं के बारे में…

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अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स (Sunita Williams) और उनके साथी बैरी विल्मोर (Barry Wilmore) आखिरकार नौ महीने के लंबे इंतजार के बाद धरती पर लौट आए हैं। भारतीय समयानुसार बुधवार तड़के सुबह 3:27 बजे, दोनों अंतरिक्ष यात्री अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS – International Space Station) से लौटकर फ्लोरिडा के समुद्र में लैंडिंग कर चुके हैं। आठ दिन के मिशन के बजाय नौ महीने तक फंसी रहीं सुनीता विलियम्स सुनीता विलियम्स और बैरी विल्मोर को केवल 8 दिन के मिशन के लिए अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) भेजा गया था, लेकिन बोइंग स्टारलाइनर (Boeing Starliner) अंतरिक्ष यान में तकनीकी खराबी के कारण वे पूरे 9 महीने (289 दिन) तक अंतरिक्ष में रहने को मजबूर हो गए। इस दौरान उन्होंने आईएसएस पर कई महत्वपूर्ण प्रयोग और शोध किए। आखिरकार, तकनीकी समस्याओं का समाधान होने के बाद, दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को सफलतापूर्वक पृथ्वी पर वापस लाया गया। अंतरिक्ष यात्रियों को नासा कितनी सैलरी देता है? नासा में काम करने वाले अंतरिक्ष यात्रियों को उनकी अनुभव, ग्रेड और जिम्मेदारियों के आधार पर वेतन दिया जाता है। नासा की वेतन प्रणाली अमेरिकी सरकार की “जनरल शेड्यूल (GS) ग्रेड प्रणाली” के तहत आती है। सुनीता विलियम्स की सालाना सैलरी नासा में अंतरिक्ष यात्रियों की सैलरी GS-13 से GS-15 ग्रेड के बीच होती है: मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सुनीता विलियम्स GS-15 ग्रेड में आती हैं, इसलिए उनकी अनुमानित वार्षिक सैलरी $152,258 (लगभग ₹1.26 करोड़) है। अंतरिक्ष यात्रियों को क्या मिलता है कोई भत्ता? नासा अपने अंतरिक्ष यात्रियों को सैलरी के अलावा कुछ अतिरिक्त सुविधाएँ और भत्ते भी देता है। अंतरिक्ष में रहने के दौरान मिलने वाला भत्ता अंतरिक्ष यात्रियों को मिलने वाली अन्य सुविधाएँ नासा अपने अंतरिक्ष यात्रियों को सैलरी के अलावा अतिरिक्त लाभ और सुविधाएँ भी देता है, जिनमें शामिल हैं: ✅ आवास भत्ता – अंतरिक्ष यात्रियों को रहने के खर्च के लिए विशेष भत्ता दिया जाता है।✅ कम ब्याज दर पर लोन – अंतरिक्ष यात्री कम ब्याज दर पर कार लोन और अन्य वित्तीय सुविधाएँ प्राप्त कर सकते हैं।✅ बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ – उन्हें उच्च-गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य बीमा और मेडिकल कवरेज मिलता है।✅ सेवानिवृत्ति योजना – नासा अपने कर्मचारियों के लिए बेहतरीन पेंशन और रिटायरमेंट प्लान प्रदान करता है।✅ विशेष प्रशिक्षण और अनुसंधान के अवसर – नासा के अंतरिक्ष यात्रियों को समय-समय पर विशेष प्रशिक्षण और अनुसंधान में भाग लेने के मौके मिलते हैं। सुनीता विलियम्स की कुल संपत्ति (नेटवर्थ) मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुनीता विलियम्स की कुल संपत्ति (नेट वर्थ) लगभग $5 मिलियन (₹41.5 करोड़ से ₹44 करोड़) आंकी गई है। उनकी कमाई का मुख्य स्रोत:🔹 नासा में उनकी सैलरी🔹 स्पेस मिशन से मिलने वाले भत्ते🔹 विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान में योगदान के लिए मिलने वाली सरकारी और अंतरराष्ट्रीय ग्रांट्स अंतरिक्ष में 9 महीने रहने का क्या असर पड़ेगा? 9 महीने तक अंतरिक्ष में रहने से सुनीता विलियम्स और बैरी विल्मोर को कुछ शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। 🔸 हड्डियों और मांसपेशियों की कमजोरी – गुरुत्वाकर्षण न होने के कारण हड्डियों और मांसपेशियों पर बुरा असर पड़ सकता है।🔸 हृदय स्वास्थ्य पर प्रभाव – दिल की कार्यक्षमता पर अंतरिक्ष में रहने से असर हो सकता है।🔸 मनोवैज्ञानिक प्रभाव – लंबे समय तक पृथ्वी से दूर रहने से तनाव और अवसाद जैसी समस्याएँ हो सकती हैं।🔸 दृष्टि संबंधी समस्याएँ – अंतरिक्ष में द्रव प्रवाह के कारण आँखों पर असर पड़ सकता है। हालांकि, नासा इन प्रभावों से निपटने के लिए विशेष मेडिकल और फिटनेस कार्यक्रम प्रदान करता है। सुनीता विलियम्स और बैरी विल्मोर का यह मिशन बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। मात्र 8 दिन के लिए भेजे गए दोनों अंतरिक्ष यात्री पूरे 9 महीने तक अंतरिक्ष में फंसे रहे। हालांकि, अब वे सुरक्षित धरती पर लौट चुके हैं, और नासा उन्हें मेडिकल और साइकोलॉजिकल रिकवरी के लिए विशेष उपचार देगा। मुख्य बातें संक्षेप में: ✅ सुनीता विलियम्स की सालाना सैलरी ₹1.26 करोड़ है।✅ उन्हें प्रति दिन $4 (₹347) का भत्ता मिलता है, जिससे इस मिशन में कुल ₹95,000 से ₹99,000 अतिरिक्त मिले।✅ उनकी कुल संपत्ति ₹41.5 करोड़ से ₹44 करोड़ है।✅ नासा बेहतर स्वास्थ्य बीमा, रिटायरमेंट प्लान और अन्य सुविधाएँ भी प्रदान करता है।✅ लंबे समय तक अंतरिक्ष में रहने के कारण उनके स्वास्थ्य पर कुछ असर पड़ सकता है। सुनीता विलियम्स की यह वापसी न केवल उनके लिए बल्कि विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि है। 🚀🌍