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PWD सचिव का सख्त संदेश: तय समय में पूरे करें पुल निर्माण, लापरवाही पर होगी कार्रवाई
निर्माणाधीन पुल, फ्लाईओवर और रेलवे ओवरब्रिज परियोजनाओं की समीक्षा, हर महीने निरीक्षण और प्रगति रिपोर्ट अनिवार्य

रायपुर, 2 जुलाई। प्रदेश में पुल निर्माण कार्यों में किसी भी तरह की ढिलाई अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लोक निर्माण विभाग (PWD) के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने गुरुवार को वरिष्ठ अधिकारियों, मैदानी अमले और ठेकेदारों की संयुक्त समीक्षा बैठक में साफ शब्दों में कहा कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित किया जाए। कार्यों में लापरवाही या अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

रायपुर स्थित सिरपुर भवन में आयोजित बैठक में सचिव ने प्रदेशभर में निर्माणाधीन पुलों, फ्लाईओवर और रेलवे ओवरब्रिज (ROB) परियोजनाओं की संभागवार और वर्षवार समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निर्माण स्थलों का नियमित निरीक्षण करें और हर महीने प्रगति की समीक्षा अनिवार्य रूप से की जाए।
बस्तर के पुल दिसंबर तक पूरे करने के निर्देश
सचिव ने विशेष रूप से बस्तर संभाग में RCPLWA योजना के तहत बन रहे पुलों को हर हाल में दिसंबर 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही पुल निर्माण की प्रत्येक प्रक्रिया के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार कर उसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा।
31 जुलाई तक भेजें नए कार्यों के प्रस्ताव
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 और 2025-26 के नए कार्यों की प्राथमिकता तय कर 31 जुलाई तक उनके प्राक्कलन भेजने के निर्देश दिए गए। सचिव ने पहुंचविहीन गांवों को बारहमासी सड़क संपर्क से जोड़ने वाले पुलों तथा द्रुतगामी सड़कों पर आवश्यक पुल निर्माण प्रस्तावों को प्राथमिकता देने को कहा।
गुणवत्ता और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं
मुकेश कुमार बंसल ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, सुरक्षा और समय-सीमा से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों का पालन, सड़क सुरक्षा के सभी प्रावधान लागू करने और फील्ड अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही ठेकेदारों के लंबित भुगतान समय पर जारी करने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया।
लंबित मामलों का जल्द समाधान
उन्होंने भू-अर्जन, वन स्वीकृति, पेड़ कटाई, ब्लास्टिंग अनुमति और भूमि विवाद जैसे लंबित मामलों का कलेक्टरों के समन्वय से शीघ्र समाधान कर परियोजनाओं में तेजी लाने को कहा। यदि किसी स्तर पर समस्या बनी रहती है तो उसे तत्काल उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाने के निर्देश भी दिए।
स्काई-वॉक दिसंबर तक होगा तैयार
बैठक में रायपुर के निर्माणाधीन 1.2 किलोमीटर लंबे स्काई-वॉक की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि परियोजना को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। स्काई-वॉक में 9 एस्केलेटर और 4 लिफ्ट लगाई जाएंगी। सचिव ने इसके संचालन, रखरखाव, साफ-सफाई और बिजली व्यवस्था की स्थायी कार्ययोजना तैयार करने तथा नगर निगम के साथ हैंडओवर प्रक्रिया पर भी काम शुरू करने के निर्देश दिए।
ठेकेदारों को अंतिम चेतावनी
समीक्षा बैठक के बाद सचिव ने ठेकेदारों के साथ अलग बैठक कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुल परियोजनाएं प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों को जोड़ने और आवागमन को सुगम बनाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इसलिए समय पर, गुणवत्तापूर्ण और अनुबंध के अनुरूप कार्य पूरा करना अनिवार्य है, अन्यथा कार्रवाई तय होगी।

