मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तराना में 2489.65 करोड़ रुपये की लागत से नर्मदा क्षिप्रा बहुउद्देशीय माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना एवं अन्य विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। यह परियोजना उज्जैन और शाजापुर जिले के कई गांवों को सिंचाई और पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराएगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने श्री तिलभांडेश्वर महादेव मंदिर के नए महंत की चादर विधि कार्यक्रम एवं महारुद्र यज्ञ में भी भाग लिया। साथ ही, उन्होंने श्री महंत प्रेमगिरी महाराज, वरिष्ठ अध्यक्ष पंचदशनाम जूना अखाड़ा से भेंट की।

परियोजना की मुख्य विशेषताएं

नर्मदा क्षिप्रा बहुउद्देशीय माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना के तहत कुल 100 ग्रामों की 30,218 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी। यह परियोजना विशेष रूप से उज्जैन जिले की तराना और घट्टिया तहसील तथा शाजापुर जिले की शाजापुर तहसील के गांवों को लाभान्वित करेगी। इस परियोजना के लिए कुल पुनरीक्षित राशि 2489.65 करोड़ रुपये निर्धारित की गई थी।

इन क्षेत्रों को मिलेगा लाभ

परियोजना से जल आपूर्ति की व्यवस्था

तकनीकी संरचना

इस परियोजना के अंतर्गत ओंकारेश्वर जलाशय (ग्राम बड़ेल, जिला खंडवा) से भूमिगत पाइपलाइन द्वारा 15 घन मीटर प्रति सेकंड की दर से जल 435 मीटर ऊंचाई तक उठाया जाएगा। जल को प्रवाहित करने के लिए 6 पंपिंग स्टेशन और 50 पंप मोटर का उपयोग किया जाएगा। इस पूरी परियोजना के सुचारु संचालन के लिए कुल 89 मेगावाट विद्युत ऊर्जा की आवश्यकता होगी।

मुख्य पाइपलाइन और वितरण प्रणाली

परियोजना के अंतर्गत मुख्य पाइपलाइन और वितरण प्रणाली 2.5 हेक्टेयर चक तक कुल 2,254 कि.मी. (3000 एम.एम. व्यास से 63 एम.एम. व्यास तक) बिछाई गई है। इसके अतिरिक्त, प्रति 20 हेक्टेयर पर एक ओ.एम.एस. बाक्स अर्थात कुल 1,539 बाक्स स्थापित किए गए हैं।

अन्य विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर अन्य विकास परियोजनाओं का भी उद्घाटन और शिलान्यास किया, जिनमें शामिल हैं:

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर कहा कि यह परियोजना न केवल किसानों के लिए वरदान साबित होगी बल्कि क्षेत्र के उद्योगों और आम नागरिकों की जल आवश्यकताओं को भी पूरा करेगी। उन्होंने परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए और क्षेत्र की जनता को इस महत्वपूर्ण विकास योजना के लिए बधाई दी।