उज्जैन। सोमवार को शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि और विशेष संयोग के अवसर पर विश्वप्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धा और आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। तड़के चार बजे जैसे ही मंदिर के पट खुले, बाबा महाकाल की भस्म आरती का शुभारंभ हुआ, जिसमें देशभर से आए हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।

आरंभ में मंदिर के पंडा-पुजारियों द्वारा गर्भगृह में स्थापित भगवान महाकाल और अन्य देवताओं का पारंपरिक विधि-विधान से पूजन किया गया। इसके बाद बाबा को पंचामृत – दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से अभिषेक किया गया। प्रथम घंटाल बजाकर “हरि ओम” का जल अर्पित किया गया, फिर कपूर आरती के साथ बाबा का भव्य शृंगार आरंभ हुआ।

🔱 त्रिनेत्र और मुंडमाला से विशेष शृंगार

इस सोमवार की भस्म आरती को विशेष बनाते हुए बाबा महाकाल को त्रिनेत्र और मुंडमाला से सजाया गया। उनके मस्तक पर चंद्रमा का चिह्न अंकित किया गया और रुद्राक्ष व नोटों की माला पहनाई गई। बाबा को चांदी का मुकुट धारण कराया गया और सुंदर पुष्पमालाओं से अलंकृत किया गया। इस विशेष शृंगार के बाद महानिर्वाणी अखाड़े द्वारा बाबा को भस्म रमाई गई और फिर अंतिम कपूर आरती की गई।

श्रद्धालु बाबा के इस अद्भुत स्वरूप को देखकर भावविभोर हो गए और “जय श्री महाकाल” के नारों से सम्पूर्ण परिसर गुंजायमान हो उठा।


🛒 दर्शनार्थियों की सुविधा हेतु केनरा बैंक का योगदान

इस अवसर पर केनरा बैंक की ओर से महाकाल मंदिर प्रबंध समिति को दो ई-कार्ट और 18 कनोपी टेंट भेंट किए गए। बैंक के एमडी सत्यनारायण राजू, चैयरमैन विजय रंगन और टीम ने मंदिर पहुँचकर यह भेंट अर्पित की। समिति की ओर से सुरक्षा प्रभारी अनुराग चौबे ने बैंक प्रबंधन का धन्यवाद ज्ञापित किया और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

ये ई-कार्ट्स और टेंट्स श्री महाकाल महालोक में दर्शनार्थियों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे। नीलकंठ पथ, त्रिवेणी संग्रहालय और नंदी द्वार से लेकर मुख्य गर्भगृह तक इनके ज़रिए सुविधाजनक आवागमन सुनिश्चित किया जा रहा है।


💰 श्रद्धालु का गुप्त दान: ₹1,01,000 नकद भेंट

झारखंड से आए एक श्रद्धालु ने पुरोहित रूपम शर्मा और नवनीत शर्मा की प्रेरणा से बाबा महाकाल को ₹1,01,000 नकद दान किया। दानदाता ने अपनी पहचान गुप्त रखने का निवेदन किया, जिसे मंदिर प्रबंधन ने सम्मानपूर्वक स्वीकार किया। उन्हें विधिवत रसीद सौंपी गई और मंदिर समिति के विरेंद्र शर्मा व अभिषेक शर्मा द्वारा सम्मानित किया गया।


🌾 मंदिर की अन्य सेवाएं

श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा नि:शुल्क अन्नक्षेत्र, गौशाला, और दान सेवा केंद्रों का संचालन किया जाता है। श्रद्धालुओं को समय-समय पर पुजारियों और अधिकारियों के माध्यम से दान देने के लिए प्रेरित किया जाता है। मंदिर की सभी व्यवस्थाएं दान और सेवाभाव से संचालित होती हैं, जिससे लाखों भक्तों को सुविधाजनक दर्शन और आध्यात्मिक अनुभव मिल पाता है।


📸 समापन

भक्ति, सेवा और दान की त्रिवेणी से सजे इस सोमवार को बाबा महाकाल का दिव्य स्वरूप और उनकी भव्य आरती हर श्रद्धालु के मन में गहराई तक उतर गई। यह दिन न केवल श्रद्धा से भरा रहा, बल्कि सेवा और सहयोग के माध्यम से मानवता की मिसाल भी पेश की गई।