उज्जैन। मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने उज्जैन नगर सीमा के बाहर खुलेआम चल रही शराबखोरी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है, जिसमें सैकड़ों लोग सड़क किनारे बैठकर शराब पीते हुए नजर आ रहे हैं। यह वीडियो उज्जैन-आगर रोड पर अहमदनगर के पास स्थित एक शराब दुकान का बताया जा रहा है। जीतू पटवारी ने न केवल इस अव्यवस्था की निंदा की, बल्कि इसे जनता के साथ धोखा करार दिया।
“धार्मिक नगरी में शराबबंदी और बाहर लूट का अड्डा”
पटवारी ने वीडियो में दिखाया कि किस तरह उज्जैन की नगर सीमा समाप्त होते ही शराब दुकानें इस तरह स्थापित की गई हैं कि वहां एक साथ 1500 से ज्यादा लोग खुलेआम शराब पीते नजर आते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब धार्मिक नगरी उज्जैन में शराबबंदी लागू है, तो फिर उसकी सीमा के ठीक बाहर शराब दुकान खोलना किस नीति के अंतर्गत आता है? उन्होंने कहा कि यह प्रशासनिक मिलीभगत से जनता की भावनाओं और कानून दोनों के साथ छलावा है।
“80 का 120 में, खुलेआम लूट”
पटवारी ने यह भी दावा किया कि दुकान पर शराब के रेट कुछ और लिखे हैं, लेकिन असल में 80 रुपये की बोतल 120 में बेची जा रही है। यानी खुलेआम लूट की जा रही है और कोई देखने-सुनने वाला नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरी प्रक्रिया एक सोची-समझी साजिश के तहत की जा रही है ताकि शराब बिक्री पर लगे प्रतिबंधों के बावजूद राजस्व और अवैध वसूली जारी रहे।
प्रशासन आया हरकत में
वीडियो वायरल होने और जनदबाव के बाद उज्जैन एसपी ने कार्रवाई में तेजी दिखाई है। एसपी ने शहर की चारों दिशाओं में नगर सीमा से सटी शराब दुकानों के कर्मचारियों को हिरासत में लेकर बांड ओवर की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद पुलिस ने अलग-अलग थानों की टीम भेजकर दो दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लिया और उन्हें यह हिदायत दी कि खुलेआम शराब सेवन और यातायात बाधा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
शराबबंदी पर फिर उठे सवाल
इस घटनाक्रम ने एक बार फिर मध्य प्रदेश सरकार की शराबबंदी नीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। धार्मिक नगरी में शराबबंदी लागू कर सरकार ने अपनी छवि तो बनाई, लेकिन उसकी सीमाओं पर शराब दुकानें खोल कर इसका विपरीत संदेश दिया जा रहा है। विपक्ष का दावा है कि यह शराबबंदी महज दिखावा है, जबकि असल उद्देश्य केवल राजस्व और वसूली को बनाए रखना है।
जनभावनाओं के साथ खिलवाड़?
उज्जैन, जहां करोड़ों श्रद्धालु हर साल दर्शन के लिए आते हैं, वहां इस तरह की घटनाएं जनमानस की भावनाओं को आहत करने वाली हैं। जीतू पटवारी ने मांग की है कि इस पर तत्काल रोक लगाई जाए और उन अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए जो इस पूरी प्रक्रिया में शामिल हैं।
