मनेंद्रगढ़ (छत्तीसगढ़):
छत्तीसगढ़ के मनोहर जलप्रपातों में से एक अमृतधारा जलप्रपात इन दिनों पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। परंतु प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने आने वाले कुछ पर्यटक लापरवाही से बाज नहीं आ रहे, जिससे गंभीर दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है।

हाल ही में, नागपुर तहसीलदार समीर शर्मा के नेतृत्व में अमृतधारा जलप्रपात पर कार्रवाई की गई। मनेंद्रगढ़ निवासी कृष गुप्ता (उम्र 19 वर्ष) और मोहम्मद अरशद (उम्र 20 वर्ष) को जलप्रपात के नीचे, तेज जलधारा के बेहद करीब नहाते हुए पाया गया। दोनों युवकों की यह गतिविधि सुरक्षा मानकों के विरुद्ध पाई गई। तत्पश्चात दोनों को तत्काल गिरफ्तार कर नागपुर थाना लाया गया। परिजनों के निवेदन और समझाइश के बाद युवकों को चेतावनी देकर रिहा किया गया।

यह कोई पहला मामला नहीं है। जिले के अन्य प्रमुख जलप्रपातों – रमदहा और कर्म घोंघा – में भी पहले लापरवाही के कारण कई दुर्घटनाएं घट चुकी हैं। इन घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग अब सख्ती के मूड में हैं।

प्रशासन की चेतावनी: लापरवाही पड़ी तो जाना होगा जेल

जिला प्रशासन ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जलप्रपात क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की लापरवाही – जैसे तेज बहाव वाले क्षेत्र में नहाना, पत्थरों पर चढ़कर सेल्फी लेना या चेतावनी बोर्ड की अनदेखी – करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर ऐसे लोगों को जेल भेजने से भी परहेज नहीं किया जाएगा।

पर्यटकों से अपील: प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लें, पर सतर्क रहें

प्रशासन ने सभी स्थानीय और बाहरी पर्यटकों से अपील की है कि वे प्राकृतिक स्थलों का आनंद उठाएं, लेकिन सुरक्षा नियमों का पालन करें। जलप्रपात के पास अनावश्यक जोखिम उठाना न सिर्फ उनकी जान को खतरे में डालता है, बल्कि दूसरों को भी संकट में डाल सकता है।