नवा रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्यहित से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर सहमति दी गई। इनमें खनिज क्षेत्र कल्याण, रेत उत्खनन के नियमों में बदलाव, कृषि भूमि मूल्य निर्धारण में पारदर्शिता और नवा रायपुर में क्रिकेट अकादमी की स्थापना जैसे अहम फैसले शामिल हैं।


1. खनिज क्षेत्र कल्याण को नई दिशा

कैबिनेट ने प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना (PMKKKY)–2024 के संशोधित दिशा-निर्देशों के अनुरूप छत्तीसगढ़ जिला खनिज संस्थान न्यास नियम, 2015 में संशोधन को मंज़ूरी दी।
इस संशोधन के तहत अब न्यास को प्राप्त राशि का कम से कम 70% हिस्सा उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों—जैसे पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला-बाल कल्याण, कौशल विकास, स्वच्छता, आवास और कृषि आदि—में व्यय करना अनिवार्य होगा। यह बदलाव खनिज संसाधनों का समावेशी विकास में उपयोग सुनिश्चित करेगा।


2. रेत उत्खनन के नियमों में बड़ा सुधार

कैबिनेट ने रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए वर्ष 2019 और 2023 के रेत नियमों को निरस्त कर “छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम-2025” को स्वीकृति दी है।

अब रेत खदानों का आवंटन इलेक्ट्रॉनिक नीलामी के माध्यम से होगा, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और राजस्व में वृद्धि की संभावना भी बढ़ेगी। इसके साथ ही पर्यावरण और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।


3. कृषि भूमि के मूल्य निर्धारण में पारदर्शिता

वाणिज्य कर पंजीयन विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए मंत्रिपरिषद ने कृषि भूमि के बाजार मूल्य निर्धारण में नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया।

यह फैसला भारतमाला परियोजना और अरपा-भैंसाझार क्षेत्र में हुई अनियमितताओं से बचाव की दिशा में अहम माना जा रहा है।


4. नवा रायपुर में क्रिकेट अकादमी को मिली मंज़ूरी

कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ (CSCS) को नवा रायपुर के सेक्टर-3, ग्राम परसदा में 7.96 एकड़ भूमि क्रिकेट अकादमी की स्थापना के लिए आबंटित करने का निर्णय लिया।

इस अत्याधुनिक अकादमी से छत्तीसगढ़ के युवा क्रिकेटरों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिल सकेंगी। राज्य में क्रिकेट प्रतिभाओं की भरमार है, और यह पहल उन्हें राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने में सहायक होगी।


इन सभी फैसलों से साफ है कि राज्य सरकार संसाधनों के न्यायसंगत उपयोग, विकास में पारदर्शिता और खेल प्रतिभाओं को अवसर देने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। आने वाले समय में इन निर्णयों का राज्य के आर्थिक, सामाजिक और खेल क्षेत्र पर सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है।