
के तहत छत्तीसगढ़ एक बार फिर राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर मजबूती से उभर रहा है। 19 मार्च 2026 से शुरू हो रहे इस भव्य आयोजन में देश के 32 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लगभग 3000 जनजातीय खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। यह आयोजन न केवल खेल प्रतिस्पर्धा है, बल्कि भारत की समृद्ध जनजातीय परंपराओं, कौशल और खेल संस्कृति का उत्सव भी है।
राजधानी Raipur इस आयोजन का मुख्य केंद्र रहेगा, जहां हॉकी, फुटबॉल, तैराकी, तीरंदाजी और वेट-लिफ्टिंग जैसे पांच प्रमुख खेलों की प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इसके साथ ही Jagdalpur में एथलेटिक्स और Ambikapur में कुश्ती की स्पर्धाएं होंगी। इस तरह पूरा आयोजन तीन प्रमुख शहरों में विभाजित होकर राज्यव्यापी खेल उत्सव का रूप ले रहा है।
छत्तीसगढ़ की ओर से कुल 164 खिलाड़ी इसमें भाग ले रहे हैं, जिनमें 86 पुरुष और 78 महिला खिलाड़ी शामिल हैं। यह आंकड़ा राज्य में बढ़ती खेल भागीदारी और महिला खिलाड़ियों की सशक्त उपस्थिति को दर्शाता है।
खेल स्थलों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। Pandit Ravishankar Shukla University का फुटबॉल मैदान और ओपन ग्राउंड, Swami Vivekananda Athletics Stadium Kota, Sardar Vallabhbhai Patel International Hockey Stadium तथा अंतरराष्ट्रीय स्वीमिंग पूल जैसे प्रमुख स्थल इस आयोजन की भव्यता को बढ़ाएंगे। वहीं जगदलपुर के धरमपुरा क्रीड़ा परिसर और अंबिकापुर के गांधी स्टेडियम में भी तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
इस बार आयोजन में पारंपरिक खेलों को भी विशेष स्थान दिया गया है। Kabaddi और Mallakhamb को डेमो गेम्स के रूप में शामिल किया गया है, जिससे जनजातीय और भारतीय पारंपरिक खेलों को राष्ट्रीय पहचान मिलेगी।
कुल मिलाकर, यह आयोजन खेल, संस्कृति और जनजातीय अस्मिता का संगम बनकर उभर रहा है, जो छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय खेल आयोजनों के केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
