ने अपने प्राकृतिक वैभव, सांस्कृतिक विविधता और जनजातीय विरासत को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में एक सशक्त कदम उठाया है। राज्य में आयोजित विशेष “फैम टूर” (Familiarization Tour) के माध्यम से देशभर से आए प्रमुख टूर ऑपरेटरों और ट्रैवल एजेंसियों को छत्तीसगढ़ की अनदेखी और अनछुई पर्यटन संभावनाओं से रूबरू कराया गया।

इस पहल के तहत प्रतिभागियों ने राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों का दौरा किया, जिसमें चित्रकोट जलप्रपात, तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान और सिरपुर जैसे ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक धरोहर शामिल रहे। इन स्थलों की अद्भुत सुंदरता, शांत वातावरण और सांस्कृतिक गहराई ने आगंतुकों को खासा प्रभावित किया।

टूर ऑपरेटरों ने विशेष रूप से बस्तर अंचल की जनजातीय संस्कृति, पारंपरिक हस्तशिल्प और स्थानीय खान-पान की सराहना की। बस्तर दशहरा जैसे विश्वप्रसिद्ध आयोजन को भी छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान के रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसने देश-विदेश में पर्यटन आकर्षण बनने की अपार संभावनाएं दिखाई हैं।

राज्य सरकार और छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल का उद्देश्य है कि इस तरह की पहलों के जरिए टूर ऑपरेटरों के माध्यम से छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन बाजार में प्रमुख स्थान दिलाया जाए। इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय रोजगार, हस्तशिल्प उद्योग और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि छत्तीसगढ़ में “इको-टूरिज्म”, “कल्चरल टूरिज्म” और “एडवेंचर टूरिज्म” की अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें सही रणनीति और प्रचार-प्रसार के जरिए देश के शीर्ष पर्यटन गंतव्यों में शामिल किया जा सकता है।