छत्तीसगढ़ के पर्यटन को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की पहल — देशभर के टूर ऑपरेटरों ने देखी अनोखी झलक
ने अपने प्राकृतिक वैभव, सांस्कृतिक विविधता और जनजातीय विरासत को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में एक सशक्त कदम उठाया है। राज्य में आयोजित विशेष “फैम टूर” (Familiarization Tour) के माध्यम से देशभर से आए प्रमुख टूर ऑपरेटरों और ट्रैवल एजेंसियों को छत्तीसगढ़ की अनदेखी और अनछुई पर्यटन संभावनाओं से रूबरू कराया गया। इस पहल के तहत प्रतिभागियों ने राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों का दौरा किया, जिसमें चित्रकोट जलप्रपात, तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान और सिरपुर जैसे ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक धरोहर शामिल रहे। इन स्थलों की अद्भुत सुंदरता, शांत वातावरण और सांस्कृतिक गहराई ने आगंतुकों को खासा प्रभावित किया। टूर ऑपरेटरों ने विशेष रूप से बस्तर अंचल की जनजातीय संस्कृति, पारंपरिक हस्तशिल्प और स्थानीय खान-पान की सराहना की। बस्तर दशहरा जैसे विश्वप्रसिद्ध आयोजन को भी छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान के रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसने देश-विदेश में पर्यटन आकर्षण बनने की अपार संभावनाएं दिखाई हैं। राज्य सरकार और छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल का उद्देश्य है कि इस तरह की पहलों के जरिए टूर ऑपरेटरों के माध्यम से छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन बाजार में प्रमुख स्थान दिलाया जाए। इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय रोजगार, हस्तशिल्प उद्योग और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि छत्तीसगढ़ में “इको-टूरिज्म”, “कल्चरल टूरिज्म” और “एडवेंचर टूरिज्म” की अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें सही रणनीति और प्रचार-प्रसार के जरिए देश के शीर्ष पर्यटन गंतव्यों में शामिल किया जा सकता है।
स्वामी विवेकानंद जयंती पर महापौर अलका बाघमार ने किया प्रतिमा पर माल्यार्पण
दुर्ग | 12 जनवरीस्वामी विवेकानंद जयंती एवं राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर नगर पालिक निगम दुर्ग की महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने विवेकानंद परिसर पहुंचकर युगद्रष्टा स्वामी विवेकानंद जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर एमआईसी सदस्य देवनारायण चंद्राकर, ज्ञानेश्वर ताम्रकर, पार्षद सरिता चंद्राकर, मंडल अध्यक्ष सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। महापौर अलका बाघमार ने स्वामी विवेकानंद जी को कोटिशः नमन करते हुए कहा कि उनके राष्ट्रवादी, सांस्कृतिक और युवा चेतना से ओत-प्रोत विचार आज भी समाज और विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी के विचार अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के वैचारिक अधिष्ठान का मूल आधार हैं। महापौर ने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी ने भारतीय संस्कृति के गौरव को पुनर्स्थापित करते हुए पूरे विश्व को वेदांत और योग दर्शन से परिचित कराया। रामकृष्ण मिशन के माध्यम से उन्होंने “नर सेवा ही नारायण सेवा” के भाव को जन-जन तक पहुंचाया। उन्होंने आगे कहा कि युवाओं में चरित्र निर्माण, आत्मगौरव और राष्ट्रभक्ति के बीज बोकर उन्हें राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करने वाले स्वामी विवेकानंद जी का जीवन और दर्शन आज के समय में और भी अधिक प्रासंगिक है। अंत में महापौर अलका बाघमार ने स्वामी विवेकानंद जयंती पर उन्हें कोटिशः नमन करते हुए समस्त देशवासियों को राष्ट्रीय युवा दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
पुर्नवासितों ने देखा बस्तर का सांस्कृतिक-ऐतिहासिक वैभव
.जगदलपुर, 07 जनवरी 2026/ हिंसा का अंधेरा छोड़कर शांति और विकास की ‘नुवा बाट’ (नई राह) चुनने वाले पुर्नवासितों के लिए मंगलवार का दिन नई उमंग और सकारात्मक अनुभवों से भरा रहा। जिला प्रशासन की एक सराहनीय पहल के तहत जगदलपुर स्थित पुनर्वास केंद्र में निवासरत पुर्नवासितों को बस्तर के प्रमुख दर्शनीय, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण कराया गया। इस विशेष भ्रमण कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पर्यटन नहीं, बल्कि मुख्यधारा में लौटे इन सदस्यों को भयमुक्त वातावरण का अनुभव कराना, क्षेत्र के विकास कार्यों से जोड़ना और उन्हें अपनी सांस्कृतिक जड़ों से पुनः परिचित कराना रहा। भ्रमण की शुरुआत बस्तर की आराध्य देवी माँ दंतेश्वरी के दर्शन से हुई। मंदिर में पूजा-अर्चना कर सभी ने अपने उज्ज्वल और शांतिपूर्ण भविष्य की कामना की। इसके पश्चात दलपत सागर और विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा के केंद्र ‘दशहरा पसरा’ का अवलोकन कराया गया, जहाँ उन्हें बस्तर की गौरवशाली परंपराओं और ऐतिहासिक विरासत की जानकारी दी गई। कार्यक्रम के अगले चरण में सदस्यों ने कलेक्टोरेट का दौरा किया, जहाँ उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था और शासन की कार्यप्रणाली को नजदीक से देखा। दिन का सबसे रोमांचक पड़ाव विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात रहा। प्रकृति के अद्भुत सौंदर्य, गिरते झरनों की गर्जना और खुले वातावरण ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। ‘नुवा बाट’ के तहत आयोजित यह भ्रमण कार्यक्रम एक मनोवैज्ञानिक और सामाजिक पुनर्वास का भी महत्वपूर्ण प्रयास रहा। इससे पुर्नवासितों के मन में यह विश्वास और मजबूत हुआ कि हिंसा छोड़कर समाज के साथ कदमताल करने में ही जीवन की वास्तविक खुशी और उन्नति निहित है। खुली हवा में सांस लेते हुए और बस्तर की बदलती, विकासोन्मुख तस्वीर को अपनी आंखों से देखकर पुर्नवासितों ने महसूस किया कि शांति का मार्ग ही सम्मानजनक और सुरक्षित भविष्य की ओर ले जाता है। प्रशासन का यह प्रयास पुर्नवासितों को समाज की मुख्यधारा में सम्मानजनक स्थान दिलाने और उन्हें अपनी माटी, संस्कृति और परंपराओं से पुनः जोड़ने की दिशा में एक सार्थक और प्रेरणादायी कदम साबित हो रहा है।
राष्ट्रीय युवा महोत्सव के लिए रवाना हो रहे छत्तीसगढ़ के युवाओं का मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री ने किया सेंड ऑफ
रायपुर | 06 जनवरी 2025सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आज राष्ट्रीय युवा महोत्सव में भाग लेने जा रहे छत्तीसगढ़ के चयनित युवाओं के लिए सेंड ऑफ सेरेमनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मुख्य अतिथि तथा उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव अध्यक्षता में उपस्थित रहे। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य से चयनित कुल 75 युवा, जो राष्ट्रीय युवा महोत्सव में भाग लेने के लिए नई दिल्ली जा रहे हैं, शामिल हुए। इनमें विकसित भारत चैलेंज ट्रैक के अंतर्गत चयनित 45 युवा एवं छत्तीसगढ़ राज्य युवा महोत्सव की सांस्कृतिक गतिविधियों में विजेता रहे 30 युवा सम्मिलित हैं। ये सभी युवा भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय युवा महोत्सव में छत्तीसगढ़ राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे तथा देशभर से आए प्रतिभागियों के साथ संवाद और प्रतिस्पर्धा करेंगे। कार्यक्रम के दौरान विकसित भारत चैलेंज ट्रैक से चयनित युवा अनुष्का चौरसिया एवं अभिनव वर्मा ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपने अनुभव साझा किए। वहीं सांस्कृतिक ट्रैक से चयनित निधि तिवारी ने कविता पाठ के माध्यम से युवाओं के जोश और आत्मविश्वास का परिचय दिया। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने युवाओं को राष्ट्रीय मंच पर “छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया” की पहचान को सशक्त रूप से प्रस्तुत करने का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने स्वामी विवेकानंद के आदर्शों का उल्लेख करते हुए “उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो” के मंत्र के साथ युवाओं से प्रेरणादायी संवाद किया। इस अवसर पर श्री विश्व विजय सिंह तोमर (अध्यक्ष, युवा आयोग), विभागीय सचिव श्री यशवंत कुमार, उपसंचालक श्रीमती रश्मि ठाकुर सहित अन्य विभागीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।
भाजपा की नाकाम नीतियों ने जनता को जहर पीने पर मजबूर कर दिया है — अब जवाबदेही तय करना ही होगा।
इंदौर में दूषित पेयजल के कारण 16 निर्दोष नागरिकों की मौत और दर्जनों लोगों के बीमार होने की भयावह घटना ने भाजपा सरकार की संवेदनहीनता और विफल प्रशासन को बेनकाब कर दिया है। इस गंभीर जनहानि पर भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय द्वारा दिया गया कायराना और बचकाना बयान मृतकों के परिवारों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है। ब्लॉक कांग्रेस पिपरिया इस अमानवीय सोच और गैर-जिम्मेदाराना बयान की कड़ी निंदा करती है। आज विधायक निवास का घेराव कर हमने यह साफ कर दिया है कि कांग्रेस अन्याय, भ्रष्टाचार और जनता की मौतों पर चुप नहीं बैठेगी। जब तक दोषियों पर कड़ी कार्रवाई, पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा और जिम्मेदार अधिकारियों की बर्खास्तगी नहीं होती, हमारा संघर्ष सड़क से सदन तक जारी रहेगा।
पत्रकारों की लेखनी केवल सूचना देने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह पर्यटन को प्रोत्साहित करने का एक सशक्त माध्यम भी है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि पत्रकारों की लेखनी केवल सूचना देने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह पर्यटन को प्रोत्साहित करने का एक सशक्त माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि पत्रकार जब किसी क्षेत्र की संस्कृति, प्राकृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक धरोहर और लोकजीवन को शब्दों में पिरोते हैं, तो वह स्थान देश-दुनिया के लोगों तक पहुँचता है और पर्यटन के नए अवसर सृजित होते हैं। मुख्यमंत्री ने यह बातें एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहीं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में अपार पर्यटन संभावनाएं हैं—घने जंगल, जलप्रपात, जनजातीय संस्कृति और ऐतिहासिक स्थल राज्य की पहचान हैं। यदि इन पहलुओं को सकारात्मक और तथ्यात्मक रूप से प्रस्तुत किया जाए, तो राज्य में पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। विष्णुदेव साय ने पत्रकारों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि जिम्मेदार और संवेदनशील पत्रकारिता समाज को दिशा देती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मीडिया के माध्यम से छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान देश और दुनिया तक और प्रभावी रूप से पहुँचेगी। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार पर्यटन विकास के लिए निरंतर प्रयास कर रही है और मीडिया का सहयोग इन प्रयासों को नई गति देने में महत्वपूर्ण साबित होगा।
पाकिस्तान सरकार ने केपी को बकाया राशि देने के दावे खारिज किए
पाकिस्तान की संघीय सरकार ने खैबर-पख्तूनख्वा (केपी) प्रांत को बकाया राशि दिए जाने से इनकार कर दिया है। पाकिस्तान का वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि केपी सरकार का कोई बकाया नहीं है और राष्ट्रीय वित्त आयोग (एनएफसी) की नवीनतम किश्त के रूप में 46.5 अरब पाकिस्तानी रुपये पहले ही जारी किए जा चुके हैं। वित्त मंत्रालय के अनुसार, संघीय सरकार प्रांतों को उनका एनएफसी हिस्सा पखवाड़े के आधार पर नियमित रूप से जारी करती है और इस मामले में कोई लंबित भुगतान नहीं है। यह बयान केपी के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी द्वारा कथित बकाया राशि के तत्काल भुगतान की मांग के एक दिन बाद सामने आया है। मंत्रालय ने बताया कि पिछले 15 वर्षों में केपी को कुल 7.8 ट्रिलियन पाकिस्तानी रुपये हस्तांतरित किए गए हैं, जिसमें एनएफसी हिस्से से 1.4 ट्रिलियन रुपये से अधिक की राशि शामिल है। यह जानकारी द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट में दी गई है। क्या है विवाद केपी सरकार का दावा है कि 2018 में पूर्व संघीय प्रशासित जनजातीय क्षेत्रों (FATA) के विलय के बाद प्रांत की जनसंख्या में करीब 4 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिसके आधार पर केंद्र सरकार पर 850 अरब से 1.3 ट्रिलियन पाकिस्तानी रुपये तक का बकाया बनता है। सरकार की सफाई वित्त मंत्रालय ने कहा कि 7वें एनएफसी पुरस्कार के तहत केपी को विभाज्य पूल का 14.62 प्रतिशत हिस्सा और आतंकवाद के खिलाफ युद्ध में प्रांत की भूमिका को मान्यता देते हुए अविभाजित पूल से अतिरिक्त 1 प्रतिशत दिया गया था। नए एनएफसी पुरस्कार पर आम सहमति न बनने के कारण अब भी 7वें एनएफसी फार्मूले को ही लागू किया जा रहा है। इसके अलावा, केंद्र सरकार ने एनएफसी हस्तांतरण के अतिरिक्त केपी को 1.4 ट्रिलियन पाकिस्तानी रुपये से अधिक की संघीय सहायता दी है, जो कुल हस्तांतरण का लगभग 18 प्रतिशत है। FATA के विलय के बाद नवगठित जिलों के विकास के लिए 2019 से अब तक 704 अरब पाकिस्तानी रुपये भी जारी किए जा चुके हैं।
मनरेगा नाम बदलाव — कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
मनरेगा (MGNREGA) योजना का नाम बदलने को लेकर कांग्रेस पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन की ताज़ा खबरों केंद्र सरकार ने मनरेगा योजना (Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act) का नाम बदलकर VB-G RAM G / G Ram G / Viksit Bharat Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission (Gramin) Act 2025 करने का बिल संसद में पारित किया, जिसे राष्ट्रपति ने मंज़ूरी दे इस बदलाव पर कांग्रेस पार्टी ने कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन किया। 📍 कहाँ प्रदर्शन हुए? 📣 कांग्रेस का आरोप 🔹 कांग्रेस कह रही है कि मनरेगा का नाम बदलना महात्मा गांधी की याद और कांग्रेस की विरासत को मिटाने जैसा है। 🔹 वे दावा कर रहे हैं कि नाम बदलने के साथ योजना की मूल भावना कमजोर हो सकती है। 📌 सरकार की प्रतिक्रिया 👉 केंद्रीय मंत्री ने कहा है कि नया कानून ग्रामीण रोजगार को और मजबूत करेगा और अब 100 के बजाय 125 दिन का रोजगार गारंटी मिलेगा, इसलिए विरोध “अनावश्यक” है।
वन मंत्री श्री केदार कश्यप और पूर्व सांसद श्री दिनेश कश्यप को मातृ-शोक
फरसागुड़ा में अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा जनसमूह रायपुर। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप और पूर्व सांसद व जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष श्री दिनेश कश्यप की माताजी श्रीमती मनकी देवी कश्यप के निधन से बस्तर अंचल सहित पूरे प्रदेश में शोक की लहर फैल गई है। निधन की सूचना मिलते ही उनके गृहग्राम फरसागुड़ा में शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लग गया। अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए बड़ी संख्या में आम नागरिक और स्थानीय जनप्रतिनिधि गांव पहुंचे। शोक सन्देश पाकर शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, विधायक श्री किरण सिंह देव और विधायक श्री चैतराम अटामी फरसागुड़ा पहुंचे। उन्होंने दिवंगत श्रीमती मनकी देवी कश्यप के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोकाकुल परिवार से भेंट कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इसके अलावा अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री रूपसिंह मंडावी, पूर्व विधायक श्री संतोष बाफना, श्री मोहन मरकाम, छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम सहित अनेक वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि भी श्रद्धांजलि देने पहुंचे। सभी ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और कश्यप परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा-आरक्षक भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए शासन पूरी तरह प्रतिबद्ध
रायपुर। उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने आज सिविल लाइन, रायपुर स्थित अपने निवास में छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों से सीधे संवाद किया। अपनी पूर्व घोषणा के अनुरूप वे ठीक सुबह 10 बजे अभ्यर्थियों के बीच उपस्थित हुए। इस अवसर पर भर्ती प्रक्रिया से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी—एडीजी एसआरपी एसपीआर कल्लूरी और आईजी बद्री नारायण मीना भी मौजूद रहे। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और विश्वसनीय तरीके से संपन्न की गई है तथा शासन भर्ती में पारदर्शिता के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने अभ्यर्थियों के साथ जमीन पर बैठकर उनकी सभी मांगों और समस्याओं पर बिंदुवार चर्चा की। उन्होंने बताया कि प्राप्तांक सार्वजनिक करने की मांग आते ही सभी अभ्यर्थियों के अंक तत्काल सार्वजनिक कर दिए गए, और परिणाम पोर्टल पर भी उपलब्ध कराए गए हैं। चयन प्रक्रिया पूरी तरह खुली प्रतिस्पर्धा और प्रावीण्यता सूची के आधार पर की जा रही है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जहां भी तथ्यों के आधार पर गड़बड़ी पाई गई, वहां तत्काल कार्रवाई की गई। एक परीक्षा केंद्र में शारीरिक परीक्षा को लेकर उठी शंकाओं पर उन्होंने स्वयं सभी दस्तावेज मंगाकर प्रकरणों की जांच की, जिसमें किसी भी अभ्यर्थी के चयन में अनियमितता नहीं पाई गई। इसकी जानकारी उन्होंने अभ्यर्थियों को सार्वजनिक रूप से दी। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रतीक्षा सूची (वेटिंग लिस्ट) को शीघ्र क्लियर किया जाएगा और प्रथम वेटिंग लिस्ट की संख्या बढ़ाने के संबंध में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मार्गदर्शन लिया जाएगा। पीएचक्यूआईडी के कारण कुछ अभ्यर्थियों के मोबाइल नंबर में आए अंतर की समस्या पर भी विचार करने का भरोसा दिलाया। भूतपूर्व सैनिकों द्वारा आयु सीमा में छूट की मांग पर उपमुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री से चर्चा कर हर संभव निराकरण का आश्वासन दिया। वहीं बस्तर संभाग में स्थानीय युवाओं के चयन की मांग पर उन्होंने बताया कि न्यायालय के निर्णय के अनुसार आरक्षक भर्ती में क्षेत्रीय आरक्षण संभव नहीं था, लेकिन बस्तर फाइटर भर्ती के माध्यम से स्थानीय युवाओं को अवसर दिए जाएंगे। इस दौरान गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और सभी भर्ती केंद्रों के अधिकारी अपने-अपने केंद्रों की विस्तृत जानकारी के साथ उपस्थित रहे। उपमुख्यमंत्री ने सभी समस्याओं को संवेदनशीलता से सुना और जहां शंका थी, वहां दस्तावेजों के आधार पर तत्काल समाधान किया गया। यह भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी समस्याओं के समाधान का एक ऐतिहासिक प्रयास रहा—पहले 12 से 14 दिसंबर तक जिलों में पुलिस अधीक्षकों द्वारा शिकायतों का निराकरण, फिर 19 और 20 दिसंबर को पुलिस मुख्यालय रायपुर में एडीजी एसआरपी द्वारा खुला मंच, और अंततः उपमुख्यमंत्री द्वारा अपने निवास पर अभ्यर्थियों से संवाद। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो, यह शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
