केटीयू में “रेडियो और कृत्रिम बुद्धिमत्ता” पर विशेष व्याख्यान आयोजित

छत्तीसगढ़ रायपुर

रायपुर। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय (केटीयू) के जनसंचार विभाग द्वारा विश्व रेडियो दिवस के उपलक्ष्य में “रेडियो और कृत्रिम बुद्धिमत्ता” विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में माय एफएम छत्तीसगढ़ के हेड एवं प्रख्यात रेडियो पेशेवर श्री शाजी लुकास मुख्य वक्ता के बतौर उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के आरंभ में विभागाध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र मोहन्ती ने विषय परिचय देते हुए कहा कि रेडियो हमेशा से युवाओं का पसंदीदा माध्यम रहा है। उन्होंने कहा कि सूचना, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में रेडियो की भूमिका आज भी प्रासंगिक है। एआई के इस दौर में जहाँ रोजगार को लेकर चुनौतियाँ दिखाई देती हैं, वहीं रेडियो के क्षेत्र में नई संभावनाएँ भी उभर रही हैं।
मुख्य वक्ता श्री शाजी लुकास ने रेडियो के विकासक्रम पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रेडियो की यात्रा मार्कोनी के आविष्कार से शुरू होकर आज डिजिटल युग के पॉडकास्ट तक पहुँच चुकी है। एक समय रेडियो के क्षेत्र में ठहराव अवश्य आया, किंतु बाद में इसका प्रभावशाली पुनरुत्थान हुआ। वर्तमान में देश में लगभग 860 रेडियो स्टेशन संचालित हो रहे हैं, जिनकी संख्या भविष्य में 1000 से अधिक होने की संभावनाएँ दर्शाती है।
श्री लुकास ने विद्यार्थियों को मीडिया उद्योग में प्रवेश से पूर्व स्वयं को मानसिक एवं कौशल स्तर पर “एलाइन” करना आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी मीडिया इंडस्ट्री में सफलता के लिए रचनात्मकता और निरंतरता अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। आधुनिक तकनीकों, विशेषकर चैटजीपीटी जैसे एआई टूल्स के उपयोग पर जोर देते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को समयानुकूल स्वयं को अपग्रेड करने की प्रेरणा दी।
उन्होंने कहा कि “रेडियो कान से दिल तक पहुँचने वाला माध्यम है” और इसकी पहुँच उन क्षेत्रों तक है जहाँ मूलभूत सुविधाएँ भी सीमित हैं। रेडियो की विश्वसनीयता को रेखांकित करते हुए उन्होंने  विद्यार्थियों से रेडियो संचार में भावनात्मक जुड़ाव, धैर्य और निरंतर अभ्यास की महत्ता पर भी प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान श्री शाजी लुकास जी ने विद्यार्थियों को रेडियो स्क्रिप्ट लेखन एवं प्रस्तुति का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया।
 इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति महादेव कावरे ने विश्व रेडियो दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए भविष्य में माय एफएम के साथ एमओयू की बात कही, जिससे  कि विद्यार्थियों के प्रायोगिक कौशल का विकास हो सके। कुलसचिव सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि ब्रेकिंग न्यूज के दौर में भी रेडियो एक विश्वसनीय जनसंचार माध्यम बना हुआ है। एआई तकनीकी के आगमन से एक ओर जहां रेडियो वेैश्विक बना है वहीं मूड के हिसाब से कंटेट सुनना आसान हुआ है।
कार्यक्रम के अंतर्गत जनसंचार विभाग के विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए आधुनिक रेडियो कार्यक्रमों का प्रस्तुतीकरण भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. कपिल देव प्रजापति ने किया और आभार डॉ. चैताली पाण्डेय ने व्यक्त किया। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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