
ट्रिपल इंजन की सरकार साबित हो रही खाली डिब्बा
टांका घर के मजदूरों को 4 माह से वेतन और 2 साल से ईपीएफ नहीं, नेता प्रतिपक्ष संतोष पिल्ले का बड़ा बयान
राजनांदगांव। नगर निगम की बदहाल आर्थिक स्थिति अब केवल फाइलों तक सीमित नहीं रही बल्कि सड़कों और दफ्तरों में साफ नजर आने लगी है। टांका घर में कार्यरत प्लेसमेंट कर्मचारियों को चार महीने से वेतन और पिछले दो वर्षों से ईपीएफ का भुगतान नहीं होने को लेकर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष संतोष पिल्ले ने ट्रिपल इंजन की सरकार पर करारा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि जनता अब खुद देख रही है कि तथाकथित ट्रिपल इंजन की सरकार की असलियत क्या है जो आज एक खाली डिब्बा साबित हो रही है।
श्री पिल्ले ने कहा कि नगर निगम के टांका घर में कार्यरत प्लेसमेंट कर्मचारी लंबे समय से आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। इन कर्मचारियों को न तो समय पर वेतन मिल रहा है और न ही उनका ईपीएफ जमा किया जा रहा है। हालात इतने खराब हैं कि मजदूर अपने परिवार का भरण-पोषण करने में असमर्थ हो गए हैं। श्री पिल्ले ने बताया कि उन्होंने इस गंभीर मामले को लेकर नगर निगम आयुक्त से फोन पर चर्चा की। इस दौरान आयुक्त द्वारा यह कहा गया कि अभी केवल एक माह का वेतन देने का आश्वासन दिया है उन्होंने ने स्पष्ट कहा कि कम से कम दो माह का वेतन तत्काल दिया जाना चाहिए क्योंकि ये कर्मचारी वर्षों से निगम के लिए कठिन और जोखिम भरे कार्य करते आ रहे हैं। टांका घर के ये प्लेसमेंट कर्मचारी नल कनेक्शन जोड़ने, गड्ढा खोदने, पाइपलाइन लीकेज सुधारने जैसे महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। इसके बावजूद उन्हें मात्र लगभग ₹10,000 मानदेय मिलता है वह भी समय पर नहीं। ऐसे में सरकार और निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक है। वेतन और ईपीएफ भुगतान की मांग को लेकर टांका घर के सभी प्लेसमेंट कर्मचारी आज सुबह से ही धरने पर बैठ गए। धरने की जानकारी मिलते ही नेता प्रतिपक्ष संतोष पिल्ले मौके पर पहुंचे और मजदूरों के आंदोलन को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि जब तक कर्मचारियों को उनका हक नहीं मिलेगा तब तक वे उनके साथ खड़े रहेंगे। श्री पिल्ले ने अंत में कहा कि ट्रिपल इंजन की सरकार बड़े-बड़े दावे तो करती है लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि निगम मजदूरों को समय पर वेतन तक नहीं दे पा रहा। जनता अब सब कुछ देख रही है और समय आने पर इसका जवाब भी देगी। उन्होंने अंत में कहा कि विधायक डॉ. रमन सिंह और महापौर मधुसूदन यादव राज्य सरकार से पैसे की मांग करें और कर्मचारी हित में काम करें।

