स्वास्थ्य विभाग ने दवाओं की गुणवत्ता को लेकर स्थिति की स्पष्ट, भ्रांतियों को किया दूर

छत्तीसगढ़ दुर्ग

दुर्ग, 12 मई 2026/ विगत दिवस भिलाई में आयोजित ’सुशासन तिहार’ के दौरान दवाओं के वितरण को लेकर हाल ही में वायरल सोशल मीडिया विडियो में व्यक्त की गई आशंकाओं पर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने संवेदनशीलता के साथ जांच पश्चात स्थिति स्पष्ट की है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा जारी जांच प्रतिवेदन के अनुसार, शिविर में वितरित की गई ’जिंक सल्फेट’ टेबलेट्स (बैच नंबर आरटी. 24175) पूरी तरह से मानक के अनुरूप और सुरक्षित हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि उक्त दवाओं की एक्सपायरी तिथि मई 2026 अंकित है। ’ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स रूल्स, 1945’ के नियम 109 (1) (सी) के वैधानिक प्रावधानों के अनुसार, जिस दवा पर एक्सपायरी माह मई 2026 दर्ज होता है, उसे उस माह की अंतिम तिथि यानी 31 मई 2026 तक सुरक्षित रूप से उपयोग में लिया जा सकता है।  
    प्रशासनिक मुस्तैदी दिखाते हुए, कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देश पर त्वरित जांच की गई, जिसमें पाया गया कि सिविल अस्पताल सुपेला द्वारा ओपीडी के माध्यम से केवल 3 टेबलेट्स का वितरण किया गया था, जो पूरी तरह उपचार की अवधि के भीतर थीं। जांच अधिकारियों, डॉ. राजकुमार नायक (स्टोर प्रभारी) और श्री रमन प्रसाद गंधर्व (फार्मासिस्ट ग्रेड-1) ने अपनी रिपोर्ट में दवाओं की गुणवत्ता और वितरण प्रक्रिया को सही ठहराया है। इस स्पष्टीकरण से सुशासन तिहार में स्वास्थ्य लाभ लेने वाले नागरिकों के बीच फैले ’अनहोनी के अंदेशे’ को समाप्त कर दिया गया है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे भ्रामक जानकारियों से सावधान रहें। साथ ही सरकारी शिविरों में वितरित दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखे जाने का आश्वासन भी दिया है।  

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