करदाताओं की सुरक्षा के लिए निगम प्रशासन की नई पहल

ने फर्जी टैक्स वसूली की शिकायतों पर रोक लगाने और करदाताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राजस्व विभाग में कार्यरत सहायक राजस्व निरीक्षकों को आधिकारिक पहचान पत्र जारी किए हैं। अब करदाता निगम के अधिकृत कर्मचारियों की आसानी से पहचान कर सकेंगे, जिससे फर्जी व्यक्तियों द्वारा टैक्स वसूली के नाम पर होने वाले धोखाधड़ी के मामलों पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।
समीक्षा बैठक में आयुक्त सुमित अग्रवाल ने बताया कि कर संग्रहण व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए यह नई व्यवस्था लागू की गई है। उन्होंने कहा कि निगम द्वारा नियुक्त अधिकृत कर्मचारी ही टैक्स संग्रहण कार्य करेंगे और सभी कर्मचारियों को पहचान पत्र उपलब्ध करा दिए गए हैं।
बैठक में राजस्व अधिकारी आरके बोरकर सहित राजस्व विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
पहचान पत्र देखकर ही करें टैक्स भुगतान
निगम प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि टैक्स जमा करने से पहले संबंधित कर्मचारी का पहचान पत्र अवश्य देखें और सत्यापन के बाद ही भुगतान करें।
आयुक्त सुमित अग्रवाल ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति बिना पहचान पत्र के टैक्स राशि की मांग करता है, तो उसकी जानकारी तत्काल संबंधित वार्ड पार्षद या निगम कार्यालय से सत्यापित करें। मामला संदिग्ध या फर्जी पाए जाने पर तुरंत पुलिस को सूचना देने की भी अपील की गई है, ताकि दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके।
ऑनलाइन टैक्स भुगतान को बढ़ावा
नगर निगम प्रशासन ने शहर के सभी करदाताओं से अधिक से अधिक ऑनलाइन माध्यम से कर भुगतान करने की अपील की है। निगम के अनुसार ऑनलाइन भुगतान से समय की बचत होती है, पारदर्शिता बनी रहती है और नागरिकों को कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। ऑनलाइन व्यवस्था के माध्यम से लोग घर बैठे सुरक्षित तरीके से टैक्स जमा कर सकते हैं।
निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों की सुरक्षा, पारदर्शी कर व्यवस्था और फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के लिए आगे भी लगातार आवश्यक कदम उठाए जाते रहेंगे।

