डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का राष्ट्र समर्पण हर पीढ़ी के लिए प्रेरणा : उप मुख्यमंत्री अरुण साव

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का राष्ट्र समर्पण हर पीढ़ी के लिए प्रेरणा : उप मुख्यमंत्री अरुण साव

छत्तीसगढ़ बिलासपुर

अनुच्छेद 370 हटाकर, CAA लागू कर और नई शिक्षा नीति के माध्यम से मोदी सरकार ने उनके सपनों को किया साकार

बिलासपुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का राष्ट्र के प्रति समर्पण प्रत्येक पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 हटाकर, नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) लागू कर तथा नई शिक्षा नीति के माध्यम से डॉ. मुखर्जी के विचारों और सपनों को साकार किया है।

अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर आयोजित व्याख्यानमाला (छात्र सम्मेलन) को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि राजनीतिक कारणों से लंबे समय तक डॉ. मुखर्जी के योगदान को भुलाने का प्रयास किया गया, जबकि उन्होंने राष्ट्र की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक अस्मिता के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया। उन्होंने कहा कि बचपन से ही डॉ. मुखर्जी में राष्ट्रभक्ति, भारतीय संस्कृति और शिक्षा के प्रति गहरा समर्पण था तथा उन्होंने कम उम्र में ही एक विद्वान शिक्षाविद् के रूप में भारतीय ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाने का कार्य किया।

उन्होंने कहा कि विभाजन के समय डॉ. मुखर्जी ने प्रताड़ित और पीड़ित हिंदू परिवारों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया तथा संयुक्त बंगाल के प्रस्ताव का विरोध किया, जिसके कारण आज पश्चिम बंगाल भारत का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने भारतीय भाषाओं, संस्कृति और परंपरा को शिक्षा व्यवस्था में स्थान देने की जो सोच रखी थी, वह आज नई शिक्षा नीति के माध्यम से साकार हुई है।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने अनुच्छेद 370 और कश्मीर की परमिट व्यवस्था का विरोध करते हुए “एक देश में दो प्रधान, दो विधान और दो निशान नहीं चलेंगे” का संदेश दिया। इसी संकल्प के साथ वे बिना अनुमति कश्मीर पहुंचे, जहां उन्हें गिरफ्तार किया गया और अंततः राष्ट्र की एकता के लिए उन्होंने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।

श्री साव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने अनुच्छेद 370 समाप्त कर जम्मू-कश्मीर को भारतीय संविधान की मुख्यधारा से जोड़ा। साथ ही नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) लागू कर पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता प्रदान की। उन्होंने इसे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों और संघर्ष को सच्ची श्रद्धांजलि बताया।

उप मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्रप्रेम, त्याग और समर्पण से प्रेरणा लेकर भारत को आत्मनिर्भर, समृद्ध और सशक्त बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. ललित प्रकाश पटैरिया, प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, भाजपा शहर जिला अध्यक्ष दीपक सिंह, ग्रामीण जिला अध्यक्ष मोहित जायसवाल, आरएसएस के नगर संघचालक प्रदीप शर्मा, ब्रजेंद्र शुक्ला, प्रफुल्ल शर्मा, विनोद तिवारी, कुलसचिव डॉ. तारणीश गौतम सहित भाजपा पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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