
रायपुर/बस्तर। राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे “सुशासन तिहार”, “बस्तर मुन्ने” एवं “नियद नेल्लानार योजना” के तहत प्रस्तावित शिविरों की तैयारियों को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सभी शिविर निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी तैयारी के साथ आयोजित हों, ताकि आम जनता को योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि इन शिविरों का उद्देश्य ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसके लिए पंचायत स्तर पर शिविरों की रूपरेखा तैयार की जा रही है।

मुख्य निर्देश:
- सभी विभाग समय-सीमा के भीतर अपनी तैयारी पूरी करें
- शिविरों में आवश्यक संसाधन और स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित हो
- पात्र हितग्राहियों की पहचान पहले से कर सूची तैयार की जाए
- मौके पर ही आवेदन, स्वीकृति और लाभ वितरण की व्यवस्था रहे
- दूरस्थ बस्तर क्षेत्र में विशेष फोकस रखते हुए अधिक से अधिक लोगों को जोड़ा जाए
अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया कि शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि ग्रामीणों को इसकी जानकारी समय पर मिल सके और वे अधिक संख्या में भाग ले सकें।
सरकार का लक्ष्य है कि इन योजनाओं के माध्यम से प्रशासन और जनता के बीच दूरी कम हो तथा “सुशासन” की अवधारणा को जमीनी स्तर पर मजबूत किया जा सके।
