
नारायणपुर। कभी नक्सल प्रभावित और नक्सलियों की अघोषित राजधानी कहे जाने वाले अबूझमाड़ के बेहद संवेदनशील क्षेत्र कुतुल में प्रदेश के वन मंत्री केदार कश्यप पहुंचे। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर शासन की योजनाओं और जमीनी व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

सुशासन तिहार के तहत मंत्री कश्यप आज अंदरूनी क्षेत्र कुतुल के दौरे पर रवाना हुए, जहां उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का जायजा लिया। लंबे समय तक नक्सल प्रभाव के कारण प्रशासनिक गतिविधियों से दूर रहे इस क्षेत्र में किसी मंत्री का पहुंचना बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दौरे के दौरान मंत्री ने कानागांव स्थित तेंदूपत्ता फड़ में संग्रहकों से भी मुलाकात की। उन्होंने तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य, भुगतान व्यवस्था और संग्रहकों को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कुतुल जैसे दुर्गम और संवेदनशील इलाके में मंत्री का यह दौरा सरकार के ग्रामीण संपर्क अभियान और प्रशासनिक सक्रियता के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

