
रायपुर। उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने आज सिविल लाइन, रायपुर स्थित अपने निवास में छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों से सीधे संवाद किया। अपनी पूर्व घोषणा के अनुरूप वे ठीक सुबह 10 बजे अभ्यर्थियों के बीच उपस्थित हुए। इस अवसर पर भर्ती प्रक्रिया से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी—एडीजी एसआरपी एसपीआर कल्लूरी और आईजी बद्री नारायण मीना भी मौजूद रहे।
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और विश्वसनीय तरीके से संपन्न की गई है तथा शासन भर्ती में पारदर्शिता के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने अभ्यर्थियों के साथ जमीन पर बैठकर उनकी सभी मांगों और समस्याओं पर बिंदुवार चर्चा की।
उन्होंने बताया कि प्राप्तांक सार्वजनिक करने की मांग आते ही सभी अभ्यर्थियों के अंक तत्काल सार्वजनिक कर दिए गए, और परिणाम पोर्टल पर भी उपलब्ध कराए गए हैं। चयन प्रक्रिया पूरी तरह खुली प्रतिस्पर्धा और प्रावीण्यता सूची के आधार पर की जा रही है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जहां भी तथ्यों के आधार पर गड़बड़ी पाई गई, वहां तत्काल कार्रवाई की गई। एक परीक्षा केंद्र में शारीरिक परीक्षा को लेकर उठी शंकाओं पर उन्होंने स्वयं सभी दस्तावेज मंगाकर प्रकरणों की जांच की, जिसमें किसी भी अभ्यर्थी के चयन में अनियमितता नहीं पाई गई। इसकी जानकारी उन्होंने अभ्यर्थियों को सार्वजनिक रूप से दी।
उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रतीक्षा सूची (वेटिंग लिस्ट) को शीघ्र क्लियर किया जाएगा और प्रथम वेटिंग लिस्ट की संख्या बढ़ाने के संबंध में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मार्गदर्शन लिया जाएगा। पीएचक्यूआईडी के कारण कुछ अभ्यर्थियों के मोबाइल नंबर में आए अंतर की समस्या पर भी विचार करने का भरोसा दिलाया।
भूतपूर्व सैनिकों द्वारा आयु सीमा में छूट की मांग पर उपमुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री से चर्चा कर हर संभव निराकरण का आश्वासन दिया। वहीं बस्तर संभाग में स्थानीय युवाओं के चयन की मांग पर उन्होंने बताया कि न्यायालय के निर्णय के अनुसार आरक्षक भर्ती में क्षेत्रीय आरक्षण संभव नहीं था, लेकिन बस्तर फाइटर भर्ती के माध्यम से स्थानीय युवाओं को अवसर दिए जाएंगे।
इस दौरान गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और सभी भर्ती केंद्रों के अधिकारी अपने-अपने केंद्रों की विस्तृत जानकारी के साथ उपस्थित रहे। उपमुख्यमंत्री ने सभी समस्याओं को संवेदनशीलता से सुना और जहां शंका थी, वहां दस्तावेजों के आधार पर तत्काल समाधान किया गया।
यह भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी समस्याओं के समाधान का एक ऐतिहासिक प्रयास रहा—पहले 12 से 14 दिसंबर तक जिलों में पुलिस अधीक्षकों द्वारा शिकायतों का निराकरण, फिर 19 और 20 दिसंबर को पुलिस मुख्यालय रायपुर में एडीजी एसआरपी द्वारा खुला मंच, और अंततः उपमुख्यमंत्री द्वारा अपने निवास पर अभ्यर्थियों से संवाद। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो, यह शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
