मीडिया की रिपोर्ट के आधार पर बोर्ड परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक जैसे गंभीर मामले को संज्ञान में लेते हुए एफ आई आर दर्ज
रायपुर: बोर्ड परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक जैसे गंभीर मामले को संज्ञान में लेते हुए प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। मीडिया में सामने आई रिपोर्टों के आधार पर संबंधित प्रकरण में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, परीक्षा की गोपनीयता भंग होने की आशंका को देखते हुए पुलिस और शिक्षा विभाग संयुक्त रूप से जांच में जुट गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे मामले में यह भी जांच की जा रही है कि प्रश्न पत्र लीक की घटना किस स्तर पर हुई और इसमें किन-किन लोगों की संलिप्तता है। यदि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कठोर कदम उठाए जाएंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
डिजिटल सुशासन और शासकीय खरीद में पारदर्शिता की ओर सशक्त कदम
भारत में सुशासन की अवधारणा को सशक्त बनाने के लिए डिजिटल तकनीकों का उपयोग तेजी से बढ़ा है। विशेष रूप से शासकीय खरीद (Government Procurement) के क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता सुनिश्चित करने हेतु डिजिटल प्लेटफॉर्म एक क्रांतिकारी परिवर्तन लेकर आए हैं। Government e-Marketplace (GeM) जैसे पोर्टल ने इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। डिजिटल सुशासन का मूल उद्देश्य है—प्रक्रियाओं को सरल बनाना, मानवीय हस्तक्षेप को कम करना और भ्रष्टाचार की संभावनाओं को समाप्त करना। GeM पोर्टल के माध्यम से सरकारी विभाग सीधे पंजीकृत विक्रेताओं से वस्तुओं और सेवाओं की खरीद कर सकते हैं, जिससे बिचौलियों की भूमिका लगभग समाप्त हो गई है। इससे न केवल समय की बचत होती है, बल्कि प्रतिस्पर्धात्मक दरों पर गुणवत्तापूर्ण खरीद भी संभव हो पाती है। पारदर्शिता की दृष्टि से डिजिटल प्लेटफॉर्म एक बड़ा बदलाव लेकर आए हैं। हर लेन-देन का रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध रहता है, जिससे ऑडिट और निगरानी आसान हो जाती है। साथ ही, ई-टेंडरिंग और ई-बिडिंग प्रक्रियाएं भी निष्पक्षता को सुनिश्चित करती हैं। इससे छोटे और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को भी समान अवसर मिलते हैं, जो पहले पारंपरिक प्रणाली में वंचित रह जाते थे। इसके अतिरिक्त, Digital India अभियान के तहत विभिन्न सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन किया गया है, जिससे नागरिकों को भी पारदर्शी और तेज़ सेवाएं मिल रही हैं। यह पहल न केवल प्रशासनिक दक्षता बढ़ाती है, बल्कि सरकार और नागरिकों के बीच विश्वास को भी मजबूत करती है। हालांकि, चुनौतियाँ भी मौजूद हैं—जैसे डिजिटल साक्षरता की कमी, इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या, और साइबर सुरक्षा के खतरे। इन चुनौतियों का समाधान करते हुए सरकार को प्रशिक्षण, अवसंरचना और डेटा सुरक्षा पर निरंतर ध्यान देना होगा। अंततः, डिजिटल सुशासन और शासकीय खरीद में पारदर्शिता की दिशा में उठाए गए ये कदम भारत को अधिक उत्तरदायी, पारदर्शी और प्रभावी प्रशासन की ओर अग्रसर कर रहे हैं। यदि इन पहलों को सतत रूप से सुदृढ़ किया जाए, तो यह न केवल आर्थिक विकास को गति देंगे, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों को भी और अधिक मजबूत करेंगे।
छात्रावास की छात्राओं के संबंध में प्रसारित खबर भ्रामक एवं तथ्यहीन
— हाल ही में छात्रावास की छात्राओं से संबंधित कुछ समाचार माध्यमों एवं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित खबरों को संबंधित प्रशासन एवं जिम्मेदार अधिकारियों ने पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन बताया है। अधिकारियों के अनुसार, खबरों में प्रस्तुत किए गए तथ्यों का वास्तविक स्थिति से कोई संबंध नहीं है और इन्हें बिना पुष्टि के प्रसारित किया गया है। प्रशासन का कहना है कि छात्रावास में रह रही छात्राओं की सुरक्षा, सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं को लेकर नियमित निगरानी की जाती है तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है। हालिया वायरल खबरों के संदर्भ में भी जांच की गई, जिसमें आरोप निराधार पाए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की अपुष्ट खबरें न केवल छात्राओं एवं उनके अभिभावकों में अनावश्यक भय और भ्रम उत्पन्न करती हैं, बल्कि संस्थान की छवि को भी नुकसान पहुंचाती हैं। उन्होंने मीडिया एवं आम जनता से अपील की है कि किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि अवश्य करें। प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि भ्रामक खबरें फैलाने वालों के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की अफवाहों पर रोक लगाई जा सके।
राष्ट्रीय युवा महोत्सव के लिए रवाना हो रहे छत्तीसगढ़ के युवाओं का मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री ने किया सेंड ऑफ
रायपुर | 06 जनवरी 2025सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आज राष्ट्रीय युवा महोत्सव में भाग लेने जा रहे छत्तीसगढ़ के चयनित युवाओं के लिए सेंड ऑफ सेरेमनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मुख्य अतिथि तथा उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव अध्यक्षता में उपस्थित रहे। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य से चयनित कुल 75 युवा, जो राष्ट्रीय युवा महोत्सव में भाग लेने के लिए नई दिल्ली जा रहे हैं, शामिल हुए। इनमें विकसित भारत चैलेंज ट्रैक के अंतर्गत चयनित 45 युवा एवं छत्तीसगढ़ राज्य युवा महोत्सव की सांस्कृतिक गतिविधियों में विजेता रहे 30 युवा सम्मिलित हैं। ये सभी युवा भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय युवा महोत्सव में छत्तीसगढ़ राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे तथा देशभर से आए प्रतिभागियों के साथ संवाद और प्रतिस्पर्धा करेंगे। कार्यक्रम के दौरान विकसित भारत चैलेंज ट्रैक से चयनित युवा अनुष्का चौरसिया एवं अभिनव वर्मा ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपने अनुभव साझा किए। वहीं सांस्कृतिक ट्रैक से चयनित निधि तिवारी ने कविता पाठ के माध्यम से युवाओं के जोश और आत्मविश्वास का परिचय दिया। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने युवाओं को राष्ट्रीय मंच पर “छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया” की पहचान को सशक्त रूप से प्रस्तुत करने का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने स्वामी विवेकानंद के आदर्शों का उल्लेख करते हुए “उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो” के मंत्र के साथ युवाओं से प्रेरणादायी संवाद किया। इस अवसर पर श्री विश्व विजय सिंह तोमर (अध्यक्ष, युवा आयोग), विभागीय सचिव श्री यशवंत कुमार, उपसंचालक श्रीमती रश्मि ठाकुर सहित अन्य विभागीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।
तेलीबांधा के पास ट्रैफिक सिग्नल पर कई खड़ी गाड़ियों की टक्कर, वीडियो Top
रायपुर। राजधानी रायपुर के तेलीबांधा थाना क्षेत्र अंतर्गत महावीर चौक पर सोमवार दोपहर एक बड़ा सड़क हादसा सामने आया, जहां ट्रैफिक सिग्नल पर खड़ी गाड़ियों में एक के बाद एक चार वाहन आपस में टकरा गए। इस दुर्घटना में छत्तीसगढ़ शासन की एक सरकारी गाड़ी भी शामिल बताई जा रही है। हादसे के बाद मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया और यातायात भी प्रभावित हुआ।प्राप्त जानकारी के अनुसार यह हादसा दोपहर करीब 1 से 1:30 बजे के बीच हुआ। महावीर चौक पर सिग्नल की लाल बत्ती जलने के कारण सभी वाहन क्रमवार रुक रहे थे। इसी दौरान पीछे से आ रहे वाहनों ने समय पर ब्रेक नहीं लगाया, जिससे एक के बाद एक चार गाड़ियां आपस में टकरा गईं। टक्कर इतनी तेज नहीं थी कि कोई बड़ी जनहानि हो, लेकिन वाहनों को नुकसान जरूर पहुंचा है। Also Read – AIIMS रायपुर के निदेशक से मिले अमित जोगी हादसे की जानकारी मिलते ही तेलीबांधा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। इस संबंध में तेलीबांधा थाना प्रभारी अविनाश सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह दुर्घटना लापरवाही और पर्याप्त दूरी न बनाए रखने के कारण हुई है। सिग्नल पर वाहनों का रुकना सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन पीछे से आने वाले चालकों द्वारा सतर्कता न बरतने के चलते यह चेन एक्सीडेंट हुआ। पुलिस के अनुसार, दुर्घटना में शामिल सभी वाहनों के चालकों और सवारों को मामूली चोटें आई हैं, हालांकि किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है। एहतियात के तौर पर कुछ लोगों का प्राथमिक उपचार कराया गया। सरकारी वाहन को भी आंशिक क्षति पहुंची है, जिसकी जांच की जा रही है। Also Read – कुटेसर मे गुरु घासीदास जयंती समारोह 26 दिसंबर को हादसे के कारण महावीर चौक पर कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर यातायात को सुचारू कराया। मौके पर मौजूद ट्रैफिक पुलिस ने भी स्थिति संभाली और वाहनों की आवाजाही सामान्य करवाई। पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे सिग्नल और ट्रैफिक नियमों का पालन करें, खासकर व्यस्त चौराहों पर वाहन चलाते समय सुरक्षित दूरी बनाए रखें। थोड़ी सी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। Also Read – गैंगस्टर मयंक सिंह रायपुर कोर्ट में पेश
पत्रकारों की लेखनी केवल सूचना देने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह पर्यटन को प्रोत्साहित करने का एक सशक्त माध्यम भी है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि पत्रकारों की लेखनी केवल सूचना देने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह पर्यटन को प्रोत्साहित करने का एक सशक्त माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि पत्रकार जब किसी क्षेत्र की संस्कृति, प्राकृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक धरोहर और लोकजीवन को शब्दों में पिरोते हैं, तो वह स्थान देश-दुनिया के लोगों तक पहुँचता है और पर्यटन के नए अवसर सृजित होते हैं। मुख्यमंत्री ने यह बातें एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहीं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में अपार पर्यटन संभावनाएं हैं—घने जंगल, जलप्रपात, जनजातीय संस्कृति और ऐतिहासिक स्थल राज्य की पहचान हैं। यदि इन पहलुओं को सकारात्मक और तथ्यात्मक रूप से प्रस्तुत किया जाए, तो राज्य में पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। विष्णुदेव साय ने पत्रकारों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि जिम्मेदार और संवेदनशील पत्रकारिता समाज को दिशा देती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मीडिया के माध्यम से छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान देश और दुनिया तक और प्रभावी रूप से पहुँचेगी। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार पर्यटन विकास के लिए निरंतर प्रयास कर रही है और मीडिया का सहयोग इन प्रयासों को नई गति देने में महत्वपूर्ण साबित होगा।
वन मंत्री श्री केदार कश्यप और पूर्व सांसद श्री दिनेश कश्यप को मातृ-शोक
फरसागुड़ा में अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा जनसमूह रायपुर। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप और पूर्व सांसद व जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष श्री दिनेश कश्यप की माताजी श्रीमती मनकी देवी कश्यप के निधन से बस्तर अंचल सहित पूरे प्रदेश में शोक की लहर फैल गई है। निधन की सूचना मिलते ही उनके गृहग्राम फरसागुड़ा में शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लग गया। अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए बड़ी संख्या में आम नागरिक और स्थानीय जनप्रतिनिधि गांव पहुंचे। शोक सन्देश पाकर शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, विधायक श्री किरण सिंह देव और विधायक श्री चैतराम अटामी फरसागुड़ा पहुंचे। उन्होंने दिवंगत श्रीमती मनकी देवी कश्यप के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोकाकुल परिवार से भेंट कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इसके अलावा अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री रूपसिंह मंडावी, पूर्व विधायक श्री संतोष बाफना, श्री मोहन मरकाम, छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम सहित अनेक वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि भी श्रद्धांजलि देने पहुंचे। सभी ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और कश्यप परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा-आरक्षक भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए शासन पूरी तरह प्रतिबद्ध
रायपुर। उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने आज सिविल लाइन, रायपुर स्थित अपने निवास में छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों से सीधे संवाद किया। अपनी पूर्व घोषणा के अनुरूप वे ठीक सुबह 10 बजे अभ्यर्थियों के बीच उपस्थित हुए। इस अवसर पर भर्ती प्रक्रिया से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी—एडीजी एसआरपी एसपीआर कल्लूरी और आईजी बद्री नारायण मीना भी मौजूद रहे। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और विश्वसनीय तरीके से संपन्न की गई है तथा शासन भर्ती में पारदर्शिता के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने अभ्यर्थियों के साथ जमीन पर बैठकर उनकी सभी मांगों और समस्याओं पर बिंदुवार चर्चा की। उन्होंने बताया कि प्राप्तांक सार्वजनिक करने की मांग आते ही सभी अभ्यर्थियों के अंक तत्काल सार्वजनिक कर दिए गए, और परिणाम पोर्टल पर भी उपलब्ध कराए गए हैं। चयन प्रक्रिया पूरी तरह खुली प्रतिस्पर्धा और प्रावीण्यता सूची के आधार पर की जा रही है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जहां भी तथ्यों के आधार पर गड़बड़ी पाई गई, वहां तत्काल कार्रवाई की गई। एक परीक्षा केंद्र में शारीरिक परीक्षा को लेकर उठी शंकाओं पर उन्होंने स्वयं सभी दस्तावेज मंगाकर प्रकरणों की जांच की, जिसमें किसी भी अभ्यर्थी के चयन में अनियमितता नहीं पाई गई। इसकी जानकारी उन्होंने अभ्यर्थियों को सार्वजनिक रूप से दी। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रतीक्षा सूची (वेटिंग लिस्ट) को शीघ्र क्लियर किया जाएगा और प्रथम वेटिंग लिस्ट की संख्या बढ़ाने के संबंध में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मार्गदर्शन लिया जाएगा। पीएचक्यूआईडी के कारण कुछ अभ्यर्थियों के मोबाइल नंबर में आए अंतर की समस्या पर भी विचार करने का भरोसा दिलाया। भूतपूर्व सैनिकों द्वारा आयु सीमा में छूट की मांग पर उपमुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री से चर्चा कर हर संभव निराकरण का आश्वासन दिया। वहीं बस्तर संभाग में स्थानीय युवाओं के चयन की मांग पर उन्होंने बताया कि न्यायालय के निर्णय के अनुसार आरक्षक भर्ती में क्षेत्रीय आरक्षण संभव नहीं था, लेकिन बस्तर फाइटर भर्ती के माध्यम से स्थानीय युवाओं को अवसर दिए जाएंगे। इस दौरान गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और सभी भर्ती केंद्रों के अधिकारी अपने-अपने केंद्रों की विस्तृत जानकारी के साथ उपस्थित रहे। उपमुख्यमंत्री ने सभी समस्याओं को संवेदनशीलता से सुना और जहां शंका थी, वहां दस्तावेजों के आधार पर तत्काल समाधान किया गया। यह भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी समस्याओं के समाधान का एक ऐतिहासिक प्रयास रहा—पहले 12 से 14 दिसंबर तक जिलों में पुलिस अधीक्षकों द्वारा शिकायतों का निराकरण, फिर 19 और 20 दिसंबर को पुलिस मुख्यालय रायपुर में एडीजी एसआरपी द्वारा खुला मंच, और अंततः उपमुख्यमंत्री द्वारा अपने निवास पर अभ्यर्थियों से संवाद। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो, यह शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
