आचार्य नरेंद्र देव स्मृति जन अधिकार अभियान समिति और सजपा (चंद्रशेखर) ने सार्वजनिक उपक्रमों को बचाने लगाई गुहार
भिलाई। आचार्य नरेंद्र देव स्मृति जन अधिकार अभियान समिति के संयोजक और समाजवादी जनता पार्टी (चंद्रशेखर) के राष्ट्रीय महासचिव आर पी शर्मा ने कहा है कि वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई वाली एनडीए गठबंधन सरकार में सार्वजनिक उपक्रमों का अस्तित्व दाव पर है। उन्होंने सार्वजनिक उपक्रमों को बचाने एकजुटता का आह्वान किया है। श्री शर्मा ने घोषणा की है कि जल्द ही वह भिलाई से संबंधित तमाम मुद्दों को लेकर नई दिल्ली में प्रदर्शन करेंगे। जिससे केंद्र सरकार अपने फैसलों पर पुनर्विचार कर सार्वजनिक उपक्रमों को उनके मूल स्वरूप में संचालित करने दे।

श्री शर्मा ने जारी बयान में कहा है कि सार्वजनिक उपक्रमों को बचाने की लड़ाई कांग्रेस के शासन में निर्णायक ढंग से लड़ी गई और उसका त्वरित परिणाम भी आया। तब चाहे व्यक्ति लड़े या समूह, किसी की आवाज को दबाने की कोशिश नहीं होती थी। इसी तरह बाजपेयी शासन काल में भी ऐसा निराशाजनक और भय का माहौल नहीं था।उन्होंने कहा कि वर्ष 2000 में उन्होंने एचएससीएल के लंबित भुगतान व अन्य मामलों को लेकर आंदोलन का नेतृत्व किया था। जिसमें पक्ष और विपक्ष दोनों ने हमारी बातें सुनी थी और तत्कालीन बाजपेयी सरकार ने कार्रवाई की थी। तब श्रमिकों का बकाया भुगतान किया गया था और कंपनी भी चल रही थी। लेकिन अब परिस्थिति बदल गई है। वर्ष 2016 से आचार्य नरेंद्र देव स्मृति जन अधिकार अभियान समिति और समाजवादी जनता पार्टी (चंद्रशेखर) ने लगातार एचएससीएल व फेरो स्क्रिप्ट निगम लिमिटेड के निजीकरण, भिलाई इस्पात संयंत्र से जुड़े श्रमिक के अधिकार और भिलाई टाउनशिप के मामले पर लगातार मुखरता के साथ आवाज उठाई। इन सब से संबंधित मामलों को लेकर ने राष्ट्रीय स्तर का आंदोलन किया। लेकिन मौजूदा केंद्र सरकार में मंत्रालयों में बैठे लोगों ने श्रमिकों के अधिकारों पर न सिर्फ कुठाराघात किया बल्कि उनका शोषण भी किया और एचएससीएल को ग्रामीण विकास मंत्रालय में मर्ज कर दिया। इसी तरह फेरो स्क्रैप निगम लिमिटेड को उस वक्त जापानी कंपनियों को दे दिया गया जब वह लाभ पर चल रही थी। आज भिलाई इस्पात संयंत्र में आउटसोर्सिंग भी बड़े पैमाने पर धड़ल्ले से जारी है।
श्री शर्मा ने आरोप लगाया कि एचएससीएल और फैरो स्क्रैप निगम लिमिटेड को बर्बाद करने के लिए सत्ता के संरक्षण में बैठे लोगों द्वारा रणनीति तय की गई और इस दुष्कृत्य को अंजाम दिया जा रहा है। श्री शर्मा ने सवाल उठाया कि आज जो जन प्रतिनिधि आवाज़ उठाने के नाम पर सक्रियता दिखा रहे हैं वे लोग उस समय कहां थे? उन्होंने कहा कि सिर्फ सड़क पर बैठकर आंदोलन करके इस सरकार से यह लड़ाई नहीं जीती जा सकती। सिर्फ खाना पूर्ति करके ही अपने अधिकारों को नहीं बचाया जा सकता। इसके लिए जनमानस को आगे आना होगा और अपने अधिकारों के लिए लड़ना होगा।
श्री शर्मा ने कहा कि भिलाई स्टील प्लांट नो प्रॉफिट नो लॉस पर चल रहा था लेकिन मौजूदा एनडीए सरकार के आते ही सारी व्यवस्था पर विराम लग गया और युवाओं को नौकरी मिलना भी बंद हो गई। आज हालत यह है कि भिलाई स्टील प्लांट जर्जर अवस्था से गुजर रहा है, आए दिन होने वाली दुर्घटनाएं इस बात बात की पुष्टि कर रही हैं। इस संदर्भ में उनकी समिति द्वारा हर बार पीएमओ व इस्पात मंत्रालय को इस संबंध में अवगत कराया जाता रहा है। इसका जवाब दिल्ली से रस्म अदायगी की तरह दे तो दिया जाता है लेकिन इस दिशा में कोई ठोस पहल होती नहीं दिखती है। आर पी शर्मा ने घोषणा की है सार्वजनिक उपक्रमों से जुड़े सारे मामलों को लेकर समिति अब दिल्ली में प्रदर्शन करेगी। जिसमें गांधीवादी विचारधारा के लोगों द्वारा मौजूदा केंद्र सरकार को कुंभकरणीय नींद से जगाने प्रयास किया जाएगा।

