राष्ट्रीय युवा महोत्सव के लिए रवाना हो रहे छत्तीसगढ़ के युवाओं का मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री ने किया सेंड ऑफ

रायपुर | 06 जनवरी 2025सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आज राष्ट्रीय युवा महोत्सव में भाग लेने जा रहे छत्तीसगढ़ के चयनित युवाओं के लिए सेंड ऑफ सेरेमनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मुख्य अतिथि तथा उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव अध्यक्षता में उपस्थित रहे। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य से चयनित कुल 75 युवा, जो राष्ट्रीय युवा महोत्सव में भाग लेने के लिए नई दिल्ली जा रहे हैं, शामिल हुए। इनमें विकसित भारत चैलेंज ट्रैक के अंतर्गत चयनित 45 युवा एवं छत्तीसगढ़ राज्य युवा महोत्सव की सांस्कृतिक गतिविधियों में विजेता रहे 30 युवा सम्मिलित हैं। ये सभी युवा भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय युवा महोत्सव में छत्तीसगढ़ राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे तथा देशभर से आए प्रतिभागियों के साथ संवाद और प्रतिस्पर्धा करेंगे। कार्यक्रम के दौरान विकसित भारत चैलेंज ट्रैक से चयनित युवा अनुष्का चौरसिया एवं अभिनव वर्मा ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपने अनुभव साझा किए। वहीं सांस्कृतिक ट्रैक से चयनित निधि तिवारी ने कविता पाठ के माध्यम से युवाओं के जोश और आत्मविश्वास का परिचय दिया। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने युवाओं को राष्ट्रीय मंच पर “छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया” की पहचान को सशक्त रूप से प्रस्तुत करने का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने स्वामी विवेकानंद के आदर्शों का उल्लेख करते हुए “उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो” के मंत्र के साथ युवाओं से प्रेरणादायी संवाद किया। इस अवसर पर श्री विश्व विजय सिंह तोमर (अध्यक्ष, युवा आयोग), विभागीय सचिव श्री यशवंत कुमार, उपसंचालक श्रीमती रश्मि ठाकुर सहित अन्य विभागीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।

13 मध्यप्रदेश बटालियन में एनुअल ट्रेनिंग कैंप में दी वेपन की ट्रेनिंग

नर्मदापुरम / 13 मध्यप्रदेश बटालियन नर्मदापुरम में कैंप कमांडेंट कर्नल एस पी सिंह के दिशा निर्देश में मंगलवार को कैंप के द्वितीय दिवस के प्रथम सत्र में एनसीसी केडिट्स को सूबेदार राजवीर एवं हवलदार अजीत सिंह, हवलदार भंवर लाल, कैप्टन एल एन मालवीय द्वार कम्युनिकेशन एवं वेपन की ट्रेनिंग दी । जिसमें वेपन का उपयोग का तरीका एवं उसकी कार्यक्षमता बताई। वी एच एम पुरन मिश्रा, सेकेंड आफिसर विजय प्रकाश श्रीवास्तव द्वारा फील्ड क्राप्ट, वेटल क्राफ्ट विषय कैडेट्स को पढ़ाया, मैप रीडिंग महावीर सिंह, सुरेन्द्र सिंह, हवलदार अर्जुन, सेकेंड आफिसर जी आर कापसे, केयर टेकर एनसीसी आफिसर यास्मीन खान द्वारा केडिट्स को समझाया जिसमें सीनियर, जूनियर बालक बालिका स्कूल एवं कॉलेज के 354 एनसीसी केडिट्स शामिल हुए। दस दिवस का ये कैंप 5 जनवरी 26 से 14 जनवरी 26 तक चलेगा। कैंप में डिप्टी कैंप कमांडेंट लेप्टिनेंट कर्नल विवेक सिंह, सूबेदार मेजर वी सी तिलक, सूबेदार राजवीर सिंह, सुरेन्द्र सिंह, महावीर सिंह, रामावतार भांबु, वी एच एम पुरन मिश्रा, हवलदार सत्यदेव सिंह, लोकेश कुमार, घमंडा राम, अजीत, सचिन, नीमा राम, विजय कुमार, भंवर लाल, महावीर, नायक सुशील कुमार आदि पी आई स्टाफ के सहयोग से संचालित हो रहा है।

भाजपा की नाकाम नीतियों ने जनता को जहर पीने पर मजबूर कर दिया है — अब जवाबदेही तय करना ही होगा।

इंदौर में दूषित पेयजल के कारण 16 निर्दोष नागरिकों की मौत और दर्जनों लोगों के बीमार होने की भयावह घटना ने भाजपा सरकार की संवेदनहीनता और विफल प्रशासन को बेनकाब कर दिया है। इस गंभीर जनहानि पर भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय द्वारा दिया गया कायराना और बचकाना बयान मृतकों के परिवारों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है। ब्लॉक कांग्रेस पिपरिया इस अमानवीय सोच और गैर-जिम्मेदाराना बयान की कड़ी निंदा करती है। आज विधायक निवास का घेराव कर हमने यह साफ कर दिया है कि कांग्रेस अन्याय, भ्रष्टाचार और जनता की मौतों पर चुप नहीं बैठेगी। जब तक दोषियों पर कड़ी कार्रवाई, पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा और जिम्मेदार अधिकारियों की बर्खास्तगी नहीं होती, हमारा संघर्ष सड़क से सदन तक जारी रहेगा।

श्री शिव महापुराण में डॉ. पुष्कर परसाई ने शिव-पार्वती विदाई की कथा का वर्णन किया

नर्मदापुरम / श्री राम मंदिर ग्राम दतवासा तहसील डोलरिया में चल रही श्री शिव महापुराण में डॉ. पुष्कर परसाई ने शिव-पार्वती विदाई की कथा का वर्णन किया। आचार्य श्री ने कहा कि जब माता पार्वती मायके से ससुराल चली तो स्वयं ब्राह्मण ने पार्वती को स्त्री धर्म बताया। उन्होंने कहा कि साध्वी स्त्री का यह धर्म है कि वह मन, वचन और कर्म से पति की परायण रह कर उसकी सेवा करे। उन्होंने बताया कि संसार के अंदर तीन प्रकार के अधिकार हैं। जन्म सिद्ध, कर्म सिद्ध और धर्म सिद्ध अधिकार। धर्म सिद्ध अधिकार पत्नी को प्राप्त होता है। इसके आधार पर पत्नी का कर्तव्य है कि वह अपने ससुराल के कुल मर्यादा रखते हुए हर्षोल्लास पूर्वक जीवन व्यतीत करे। आचार्य श्री ने कहा कृतिकाओं के घर से जब गणों के साथ कार्तिकेय कैलाश पहुंचे तो वहां पर माता पार्वती व शंकर जी सहित समस्त देवियों एवं देवगणों ने अपने-अपने अस्त्र- शस्त्र प्रदान कर देवताओं के सेनापति पद पर सुशोभित किया। तब शंकर जी ने प्रसन्नता से देवताओं से कहा कि वरदान मांगो। समस्त देवताओं ने कुमार द्वारा तारकासुर वध की अपनी शक्ति के प्रहार से महाबली तारकासुर का वध करके संसार को निर्भय किया। आचार्य श्री ने कहा कि शिव महापुराण की कथाओं में भगवान श्री गणेश के जन्म की कथा अत्यंत रोचक, भावनात्मक और आध्यात्मिक है। यह कथा न केवल भगवान गणेश की उत्पत्ति को दर्शाती है, बल्कि माता पार्वती की शक्ति, भक्ति और सृजनात्मकता का भी प्रतीक है। उन्होंने कथा प्रसंग पर विस्तार से बताया कि शिव महापुराण के अनुसार, एक बार माता पार्वती स्नान के लिए जा रही थीं। उन्होंने अपने उबटन (चंदन और हल्दी के लेप) से एक सुंदर बालक की मूर्ति बनाई और उसमें प्राण डाल दिए। वह बालक कोई और नहीं बल्कि भगवान गणेश ही थे। पार्वती ने गणेश को आदेश दिया कि जब तक वह स्नान करके न लौटें, तब तक वह किसी को भी अंदर न आने दे। उसी समय भगवान शिव वहां पहुंचे, लेकिन गणेश जी ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। यह देखकर शिव क्रोधित हो उठे और अपने त्रिशूल से गणेश का मस्तक काट दिया।जब माता पार्वती बाहर आईं और यह दृश्य देखा, तो वे अत्यंत दुखी और क्रोधित हो गईं। उन्होंने पूरे सृष्टि को नष्ट करने की धमकी दी। तब भगवान शिव ने ब्रह्मा, विष्णु आदि देवताओं के साथ मिलकर एक उपाय निकाला। शिव जी ने एक हाथी का सिर काटकर गणेश के शरीर पर स्थापित किया और उन्हें जीवनदान दिया।भगवान शिव ने श्री गणेश को आशीर्वाद दिया कि किसी भी पूजा या कार्य की शुरुआत श्री गणेश के बिना नहीं होगी। यह कथा माता-पिता की कृपा, भक्तिभाव और यह सिखाती है कि बाधाएं चाहे कितनी भी आएं, वे विघ्नहर्ता श्री गणेश के आशीर्वाद से दूर हो सकती हैं। शिव महापुराण कथा में भगवान शंकर की आरती के पश्चात प्रसाद का वितरण किया गया इस दौरान दर्जनों श्रद्धालु मौजूद रहे।कथा का समय 1:30 बजे से 4:30 तक। आयोजक रिछारिया परिवार ने सभी से कथा में पधारने का आग्रह किया।

खैरागढ़ के करमतरा गांव में मकान विवाद बना बवाल, आधी रात थाने तक पहुंचा ग्रामीणों का आक्रोश..

खैरागढ़ जिले के करमतरा गांव में एक मामूली मकान विवाद ने सोमवार देर रात गंभीर रूप ले लिया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि आधी रात सैकड़ों ग्रामीण जालबांधा चौकी तक पहुंच गए और पुलिस की कार्यप्रणाली के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस घटनाक्रम ने जिले की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं मामला भूपत साहू और तेजेश्वरी साहू के बीच लंबे समय से चले आ रहे मकान विवाद से जुड़ा है, जिसे समय रहते सुलझाया नहीं गया। ग्रामीणों का आरोप है कि भूपत साहू लगातार गांव में तनावपूर्ण माहौल बना रहा था, लेकिन पुलिस ने शुरुआती स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिससे विवाद और गहराता चला गया। ग्रामीणों के अनुसार, विवाद को सुलझाने के लिए पंचायत स्तर पर कई बार समझाइश भी की गई, लेकिन आरोपित पक्ष की ओर से लगातार धमकी और उकसावे की कार्रवाई जारी रही। बीती रात हालात उस समय बेकाबू हो गए जब खुलेआम नाम लेकर धारदार हथियारों से जान से मारने की धमकियां दी गईं। इससे गांव में दहशत फैल गई और ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से चौकी का रुख किया। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने देर से कार्रवाई कर हालात को और बिगाड़ दिया। आक्रोशित ग्रामीणों ने जालबांधा चौकी परिसर में पुलिस विरोधी नारे लगाए, जो जिले में कानून व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। शिकायत के बाद पुलिस ने भूपत दास उर्फ साहेब, दीपक साहू और उसके पुत्र सूर्यकांत साहू सहित तीन लोगों को हिरासत में लेते हुए भारतीय न्याय संहिता की धारा 170 और 126 के तहत कार्रवाई की है। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि यह कार्रवाई काफी देर से और दबाव में की गई है। ग्रामीणों ने बताया कि लगातार मिल रही धमकियों के कारण गांव की महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भय के माहौल में जीने को मजबूर हैं। स्कूल जाने वाले बच्चे और खेतों में काम करने वाले किसान भी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। इस पूरे मामले पर चौकी प्रभारी बीरेंद्र चंद्राकर ने स्थिति नियंत्रण में होने का दावा किया है, लेकिन सवाल यह उठता है कि यदि समय रहते सख्ती बरती जाती, तो क्या हालात यहां तक पहुंचते? करमतरा गांव की यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या खैरागढ़ जिला पुलिस हालात बिगड़ने के बाद ही सक्रिय होती है। फिलहाल गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।।

राबड़ी देवी का सरकारी आवास खाली करने की प्रक्रिया तेज, देर रात हुआ सामान शिफ्ट..

राजधानी पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास को खाली करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। गुरुवार देर रात आवास से सामान शिफ्ट किए जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। जानकारी के मुताबिक, देर रात 4 से 5 छोटी गाड़ियां आवास पर पहुंचीं। गार्डन से जुड़े पौधों सहित अन्य सामान को वहां से निकालकर गोला रोड स्थित गौशाला ले जाया गया। बताया जा रहा है कि यहां से सामान को आगे अन्य स्थानों पर भेजा जाएगा। शिफ्टिंग के दौरान लालू प्रसाद यादव दिल्ली में थे, जबकि तेजस्वी यादव भी पटना से बाहर थे। उस समय आवास में परिवार का कोई पुरुष सदस्य मौजूद नहीं था। भवन निर्माण विभाग ने 25 नवंबर को राबड़ी देवी को आवास खाली करने का नोटिस जारी किया था। नोटिस के अनुसार, विधान परिषद के नेता प्रतिपक्ष के लिए हार्डिंग रोड स्थित आवास संख्या 39 आवंटित किया गया है। सूत्रों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से सामान को महुआ बाग और आर्य समाज रोड स्थित आवासों में चरणबद्ध तरीके से शिफ्ट किया जा रहा है। मामले पर जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि आवास खाली करने की प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि मकान की संरचना को कोई नुकसान पहुंचाया गया, तो इसे राजनीतिक और नैतिक रूप से गलत कदम माना जाएगा। नोटिस जारी होने के बाद लालू परिवार की ओर से भावुक प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं। तेजप्रताप यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि 28 वर्षों से जुड़ा भावनात्मक रिश्ता एक सरकारी आदेश से खत्म कर दिया गया। वहीं हाल ही में किडनी दान देने वाली बेटी रोहिणी आचार्य भी आवास से विदा होते समय भावुक नजर आई थीं। गौरतलब है कि 1997 में चारा घोटाले के बाद लालू प्रसाद यादव के इस्तीफे के पश्चात राबड़ी देवी मुख्यमंत्री बनी थीं। वर्ष 2005 में उन्हें यह सरकारी आवास आवंटित किया गया था, जिसे अब खाली कराया जा रहा है। यह आवास बिहार की राजनीति के कई अहम अध्यायों का साक्षी रहा है।

पत्रकारों की लेखनी केवल सूचना देने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह पर्यटन को प्रोत्साहित करने का एक सशक्त माध्यम भी है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि पत्रकारों की लेखनी केवल सूचना देने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह पर्यटन को प्रोत्साहित करने का एक सशक्त माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि पत्रकार जब किसी क्षेत्र की संस्कृति, प्राकृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक धरोहर और लोकजीवन को शब्दों में पिरोते हैं, तो वह स्थान देश-दुनिया के लोगों तक पहुँचता है और पर्यटन के नए अवसर सृजित होते हैं। मुख्यमंत्री ने यह बातें एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहीं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में अपार पर्यटन संभावनाएं हैं—घने जंगल, जलप्रपात, जनजातीय संस्कृति और ऐतिहासिक स्थल राज्य की पहचान हैं। यदि इन पहलुओं को सकारात्मक और तथ्यात्मक रूप से प्रस्तुत किया जाए, तो राज्य में पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। विष्णुदेव साय ने पत्रकारों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि जिम्मेदार और संवेदनशील पत्रकारिता समाज को दिशा देती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मीडिया के माध्यम से छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान देश और दुनिया तक और प्रभावी रूप से पहुँचेगी। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार पर्यटन विकास के लिए निरंतर प्रयास कर रही है और मीडिया का सहयोग इन प्रयासों को नई गति देने में महत्वपूर्ण साबित होगा।

पाकिस्तान सरकार ने केपी को बकाया राशि देने के दावे खारिज किए

पाकिस्तान की संघीय सरकार ने खैबर-पख्तूनख्वा (केपी) प्रांत को बकाया राशि दिए जाने से इनकार कर दिया है। पाकिस्तान का वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि केपी सरकार का कोई बकाया नहीं है और राष्ट्रीय वित्त आयोग (एनएफसी) की नवीनतम किश्त के रूप में 46.5 अरब पाकिस्तानी रुपये पहले ही जारी किए जा चुके हैं। वित्त मंत्रालय के अनुसार, संघीय सरकार प्रांतों को उनका एनएफसी हिस्सा पखवाड़े के आधार पर नियमित रूप से जारी करती है और इस मामले में कोई लंबित भुगतान नहीं है। यह बयान केपी के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी द्वारा कथित बकाया राशि के तत्काल भुगतान की मांग के एक दिन बाद सामने आया है। मंत्रालय ने बताया कि पिछले 15 वर्षों में केपी को कुल 7.8 ट्रिलियन पाकिस्तानी रुपये हस्तांतरित किए गए हैं, जिसमें एनएफसी हिस्से से 1.4 ट्रिलियन रुपये से अधिक की राशि शामिल है। यह जानकारी द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट में दी गई है। क्या है विवाद केपी सरकार का दावा है कि 2018 में पूर्व संघीय प्रशासित जनजातीय क्षेत्रों (FATA) के विलय के बाद प्रांत की जनसंख्या में करीब 4 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिसके आधार पर केंद्र सरकार पर 850 अरब से 1.3 ट्रिलियन पाकिस्तानी रुपये तक का बकाया बनता है। सरकार की सफाई वित्त मंत्रालय ने कहा कि 7वें एनएफसी पुरस्कार के तहत केपी को विभाज्य पूल का 14.62 प्रतिशत हिस्सा और आतंकवाद के खिलाफ युद्ध में प्रांत की भूमिका को मान्यता देते हुए अविभाजित पूल से अतिरिक्त 1 प्रतिशत दिया गया था। नए एनएफसी पुरस्कार पर आम सहमति न बनने के कारण अब भी 7वें एनएफसी फार्मूले को ही लागू किया जा रहा है। इसके अलावा, केंद्र सरकार ने एनएफसी हस्तांतरण के अतिरिक्त केपी को 1.4 ट्रिलियन पाकिस्तानी रुपये से अधिक की संघीय सहायता दी है, जो कुल हस्तांतरण का लगभग 18 प्रतिशत है। FATA के विलय के बाद नवगठित जिलों के विकास के लिए 2019 से अब तक 704 अरब पाकिस्तानी रुपये भी जारी किए जा चुके हैं।

मनरेगा नाम बदलाव — कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन

मनरेगा (MGNREGA) योजना का नाम बदलने को लेकर कांग्रेस पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन की ताज़ा खबरों केंद्र सरकार ने मनरेगा योजना (Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act) का नाम बदलकर VB-G RAM G / G Ram G / Viksit Bharat Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission (Gramin) Act 2025 करने का बिल संसद में पारित किया, जिसे राष्ट्रपति ने मंज़ूरी दे इस बदलाव पर कांग्रेस पार्टी ने कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन किया। 📍 कहाँ प्रदर्शन हुए? 📣 कांग्रेस का आरोप 🔹 कांग्रेस कह रही है कि मनरेगा का नाम बदलना महात्मा गांधी की याद और कांग्रेस की विरासत को मिटाने जैसा है। 🔹 वे दावा कर रहे हैं कि नाम बदलने के साथ योजना की मूल भावना कमजोर हो सकती है। 📌 सरकार की प्रतिक्रिया 👉 केंद्रीय मंत्री ने कहा है कि नया कानून ग्रामीण रोजगार को और मजबूत करेगा और अब 100 के बजाय 125 दिन का रोजगार गारंटी मिलेगा, इसलिए विरोध “अनावश्यक” है।

वन मंत्री श्री केदार कश्यप और पूर्व सांसद श्री दिनेश कश्यप को मातृ-शोक

फरसागुड़ा में अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा जनसमूह रायपुर। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप और पूर्व सांसद व जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष श्री दिनेश कश्यप की माताजी श्रीमती मनकी देवी कश्यप के निधन से बस्तर अंचल सहित पूरे प्रदेश में शोक की लहर फैल गई है। निधन की सूचना मिलते ही उनके गृहग्राम फरसागुड़ा में शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लग गया। अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए बड़ी संख्या में आम नागरिक और स्थानीय जनप्रतिनिधि गांव पहुंचे। शोक सन्देश पाकर शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, विधायक श्री किरण सिंह देव और विधायक श्री चैतराम अटामी फरसागुड़ा पहुंचे। उन्होंने दिवंगत श्रीमती मनकी देवी कश्यप के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोकाकुल परिवार से भेंट कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इसके अलावा अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री रूपसिंह मंडावी, पूर्व विधायक श्री संतोष बाफना, श्री मोहन मरकाम, छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम सहित अनेक वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि भी श्रद्धांजलि देने पहुंचे। सभी ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और कश्यप परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।