कहा— छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत और पूरे राष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति, लोककला में योगदान सदैव रहेगा अविस्मरणीय
रायपुर, 05 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने पद्म विभूषण से सम्मानित एवं विश्वविख्यात पंडवानी गायिका डॉ. तीजन बाई के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
अपने शोक संदेश में राज्यपाल ने कहा कि डॉ. तीजन बाई का निधन केवल लोककला जगत ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पूरे राष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने अपनी अद्वितीय गायन शैली, असाधारण प्रतिभा और लोक परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विशिष्ट पहचान दिलाई।
राज्यपाल ने कहा कि डॉ. तीजन बाई ने अपना संपूर्ण जीवन लोककला की साधना, संरक्षण और संवर्धन को समर्पित किया। उन्होंने पंडवानी जैसी समृद्ध लोक परंपरा को विश्व मंच तक पहुंचाकर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया। उनका व्यक्तित्व, कला-साधना और सांस्कृतिक योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
राज्यपाल ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोकाकुल परिजनों, उनके असंख्य प्रशंसकों तथा समस्त लोककला जगत को इस दुःख की घड़ी में संबल प्रदान करने की कामना की।dekaa

