साहित्य समिति के संरक्षक शशिकांत द्विवेदी के मार्कफेड अध्यक्ष बनने पर दी गई बधाई

छत्तीसगढ़ बस्तर

राजनांदगांव / छत्तीसगढ़ साहित्य सृजन समिति के संरक्षक, वरिष्ठ कवि / साहित्यकार शशिकांत द्विवेदी के मार्कफेड अध्यक्ष बनने पर  समिति के समस्त कवि साहित्यकारों ने श्री द्विवेदी को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।


साहित्य समिति के संरक्षक एवं छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग (,छ०ग०-शासन ) के जिला समन्वयक वरिष्ठ कवि साहित्यकार आत्माराम कोशा “अमात्य” ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य सरकार द्वारा ठा० प्यारेलाल सहकारिता सम्मान से सम्मानित हो चुके शशिकांत द्विवेदी जी धर्म, अध्यात्म ,राजनीतिक व किसानों का हित चिंतन करने वाले ओजस्वी कवि हैं नक्सलवाद के विरोध में जिसकी कविता, “मैं बस्तर हूं” और श्री राम गमन पथ यात्रा  की “रक्सा हाड़ा” “गीदम”  वाली कविता लोगों को प्रभावित व आंदोलित करती है। शहर के जिला सहकारी  केंद्रीय बैंक को फर्श से लेकर अर्श तक पहुंचाने वाले श्री द्विवेदी जी पर्यावरण सुरक्षा व सहकारिता के क्षेत्र के अच्छे जानकार हैं। इस पर उनके लेख अखबारों में छपते रहते हैं।
किसानों के प्रति संवेदन जन्य भावनाएं
द्विवेदी जी की किसानों के प्रति  संवेदन जन्य भावनाएं हैं, जो छत्तीसगढ़ी कविता – “कलप – कलप के गहुं रोवय,, फफक-फफक के धान / खेत में अब अन्न नइ उपजय,, उपजत हावय मकान””,, में झलकती है। ओजवान कवि एवं सहकारिता के जुझारू नेताओं में शुमार श्री द्विवेदी जी के मार्कफेड अध्यक्ष अध्यक्ष बनने पर साहित्य समिति के अध्यक्ष अखिलेश मिश्रा”अकाट्य” सचिव मानसिंह”मौलिक” कवयित्री सुषमा शुक्ला”अंशुमन” थंगेश्वर कुमार साहू, राकेश इंदू भूषण ठाकुर,‌पद्मलोचन शर्मा “मुंहफट” पवन यादव”पहुना”  रिखी राम पटेल, आनन्द राम सार्वा “अनंत”, संरक्षक ,श्रीमती शारदा तिवारी, अशोक चौधरी, गिरीश ठक्कर”स्वर्गीय” के अलावा वीरेंद्र तिवारी “वीरु”, गजेद्र हरिहारणो”दीप” आदि सहित अन्य कवि/ साहित्यकारों ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।  उक्ताशय की जानकारी साहित्य समिति के सचिव मानसिंह मौलिक द्वारा दी गई।

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