असमय बारिश से खेत जलमग्न, धान फसल पर संकट बारिश से फसलों को नुकसान- किसानों की मेहनत पर फिरा पानी

News

तेज अंधड़ और बारिश से 60–70% तक फसल बर्बाद होने की आशंका, किसानों की बढ़ी चिंता

जिले में मंगलवार शाम आई तेज आंधी और बारिश ने जहां भीषण गर्मी से राहत दी, वहीं किसानों के लिए बड़ी परेशानी खड़ी कर दी है। बेमौसम बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया है और रबी सीजन की धान फसल बुरी तरह प्रभावित हो गई है। कई गांवों में खेत तालाब जैसे नजर आ रहे हैं और खड़ी फसल गिर चुकी है, जिससे उसमें रोग और सड़न की आशंका बढ़ गई है।

मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी मध्यप्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण तथा आंतरिक ओड़िशा में बने दूसरे सिस्टम के कारण अचानक मौसम में बदलाव आया और जिले में तेज बारिश दर्ज की गई।

इन गांवों में ज्यादा असर
जिला मुख्यालय से लगे कौंदकेरा, मुस्की, सोरिद, बनसिवनी, कांपा, परसवानी, बेमचा और खट्टीडीह सहित कई गांवों में धान की फसल अंधड़ और बारिश से खेतों में गिर गई है। ग्रामीणों के अनुसार कई जगह फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है।

🔴 60–70% फसल बर्बादी की आशंका

कौंदकेरा निवासी किसान योगेश्वर चंद्राकर ने बताया कि चार साल बाद रबी फसल के लिए पानी मिला था और अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन एक ही बारिश ने सब चौपट कर दिया। उनके अनुसार क्षेत्र में 60–70 प्रतिशत फसल प्रभावित हुई है और लगभग 60–70 एकड़ में नुकसान की आशंका है।

🔴 “पूरी लागत डूब गई”

किसान मुरली चंद्राकर ने बताया कि उन्होंने उधार लेकर 3 एकड़ में खेती की थी, लेकिन बारिश ने सारी मेहनत और लागत पर पानी फेर दिया। अब उन्हें सिर्फ सरकारी मुआवजे की उम्मीद है।

🔴 “मेहनत बेकार हो गई”

किसान नारायण ध्रुव और अन्य ग्रामीणों ने बताया कि फसल कटाई के लिए तैयार थी, लेकिन अचानक मौसम बदलने से पूरी मेहनत बेकार हो गई। कई गांवों में 30 एकड़ से अधिक फसल प्रभावित बताई जा रही है।

🌧️ बारिश का आंकड़ा

मंगलवार को जिले में औसतन 17.3 मिमी बारिश दर्ज की गई।

  • कोमाखान: 32.6 मिमी
  • बागबाहरा: 25 मिमी
  • महासमुंद: 22.0 मिमी
  • बसना: 12.6 मिमी
  • पिथौरा: 10.1 मिमी
  • सरायपाली: 2 मिमी

⚠️ आगे भी खतरा

मौसम विभाग ने अगले 2–3 दिनों में फिर अंधड़ और बारिश की संभावना जताई है, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *