OMG! फरार हो गए तीन खतरनाक कैदी, मचा हड़कंप!

उज्जैन : मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले की खाचरोद सब-जेल से हत्या, रेप और किडनैपिंग के आरोप में तीन कैदी फरार हो गए. उन्होंने बताया कि खाचरोद से 5 किलोमीटर दूर स्थित सब-जेल में ये तीनों सफेदी और साफ-सफाई का काम कर रहे थे, तभी वे भाग गए. खाचरोद पुलिस स्टेशन के इंचार्ज धन सिंह नलवाया ने कहा, “जब कैदियों की गिनती की गई, तो तीनों गायब थे. जेल के कागजात में दर्ज आरोपियों के पते और ठिकानों पर छापेमारी की गई, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. आसपास और दूसरे रास्तों पर लगे CCTV कैमरों की जांच की जा रही है, और एक लोकल मुखबिर नेटवर्क को भी एक्टिवेट कर दिया गया है.” उन्होंने तीनों की पहचान नारायण जाट (31), जिस पर POCSO एक्ट के तहत रेप का आरोप है, गोविंद (35), जिस पर हत्या का आरोप है, और गोपाल लाल (22), जिस पर किडनैपिंग और रेप का आरोप है, के रूप में की. उज्जैन सेंट्रल जेल के सुपरिटेंडेंट मनोज साहू ने कहा कि तीनों को पकड़ने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं.

छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण आंदोलन के अग्रणी नेता पूर्व केन्द्रीय मंत्री शहीद श्री विद्याचरण शुक्ल जी के राज्य निर्माण में योगदान

रायपुर. छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर पृथक छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण आंदोलन के अग्रणी नेता पूर्व केन्द्रीय मंत्री शहीद श्री विद्याचरण शुक्ल जी के राज्य निर्माण में योगदान को स्मरण करने 31 अक्टूबर, दोपहर 2.00 बजे विचार गोष्ठी शुक्ल भवन, बूढ़ापारा में सम्पन्न हुई. पूर्व मंत्री अमितेष शुक्ल ने उपस्थित जनों को सम्बोधित करते हुए कहा कि पृथक छत्तीसगढ़ राज्य स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं अविभाजित मध्यप्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री पं. रविशंकर शुक्ल एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री शहीद श्री विद्याचरण शुक्ल की देन है. बस्तर पहले आंध्रप्रदेश में समाहित किया जा रहा था जिसे पं. रविशंकर शुक्ल के विरोध के कारण मध्यप्रदेश में ही रहने दिया गया. अगर बस्तर मध्य प्रदेश से अलग हो जाता तो छत्तीसगढ़ नहीं बन पाता. शहीद श्री विद्याचरण शुक्ल ने प्रबुद्ध जनों की मांग पर छत्तीसगढ़ संघर्ष मोर्चा का गठन किया. रायपुर, दुर्ग, महासमुंद आदि जिलों में जेल भरो आंदोलन, छत्तीसगढ़ महाबंद, एवं विशेष ट्रेन बुक कर दिल्ली में 10 हजार से ज्यादा आंदोलनकारियों ने संसद घेराव किया जहां आंदोलनकारियों पर लाठी चार्ज, पानी बौछार एवं अश्रु गैस की गोली चलाई गई. इसमें सैकड़ों आंदोलनकारी घायल हुए. सभी ने अपनी गिरफ्तारी भी दी. वर्तमान भाजपा सरकार राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ धूमधाम से मनाने जा रही है परन्तु पृथक छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के अग्रणी नेता शहीद श्री विद्याचरण शुक्ल एवं आंदोलनकारियों को विस्मृत कर रही है जो उचित नहीं है. परिषद के महामंत्री रामअवतार देवांगन ने भी संघर्ष मोर्चा के गठन एवं आंदोलनों पर अपने अनुभवों को साझा किया. गोष्ठी में सभी ने अपने अनुभवों को साझा किया.विचार गोष्ठी में प्रमुख रुप से पूर्व मंत्री अमितेष शुक्ल, महामंत्री रामअवतार देवांगन, प्रवक्ता नितिन कुमार झा, चन्द्रशेखर शुक्ला, सलाम रिजवी, बीरेश शुक्ला, डॉ. उदयभान सिंह चौहान, कोरमा राव भिलाई, अधिवक्ताद्वय मनोज ठाकुर, संजय मिश्रा अभनपुर, आभा मरकाम, शिरीष अवस्थी, विकास गुप्ता, चौलेश्वर चन्द्राकर, अनुभवचरण शुक्ल, गंगा यादव, पुष्पेंद्र परिहार, रवि शर्मा, राहुल शुक्ला आदि उपस्थित थे.गोष्ठी में यह तय हुआ कि 1 नवम्बर को प्रात: 10 बजे श्री विद्याचरण शुक्ल उद्यान में विद्या भैया की प्रतिमा में पुष्पांजलि अर्पित की जायेगी एवं 21 जनवरी 2026 को वृहद प्रादेशिक कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया जायेगा.कार्यक्रम का संचालन चौलेश्वर चन्द्राकार एवं आभार प्रदर्शन अनुभवचरण शुक्ल ने किया. उक्त जानकारी प्रवक्ता नितिन कुमार झा ने दी.

शराबबंदी के बावजूद उज्जैन में खुलेआम शराब सेवन, कांग्रेस अध्यक्ष ने किया पर्दाफाश…

Jeetu patwari pcc chief madhya pradesh

उज्जैन। मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने उज्जैन नगर सीमा के बाहर खुलेआम चल रही शराबखोरी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है, जिसमें सैकड़ों लोग सड़क किनारे बैठकर शराब पीते हुए नजर आ रहे हैं। यह वीडियो उज्जैन-आगर रोड पर अहमदनगर के पास स्थित एक शराब दुकान का बताया जा रहा है। जीतू पटवारी ने न केवल इस अव्यवस्था की निंदा की, बल्कि इसे जनता के साथ धोखा करार दिया। “धार्मिक नगरी में शराबबंदी और बाहर लूट का अड्डा” पटवारी ने वीडियो में दिखाया कि किस तरह उज्जैन की नगर सीमा समाप्त होते ही शराब दुकानें इस तरह स्थापित की गई हैं कि वहां एक साथ 1500 से ज्यादा लोग खुलेआम शराब पीते नजर आते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब धार्मिक नगरी उज्जैन में शराबबंदी लागू है, तो फिर उसकी सीमा के ठीक बाहर शराब दुकान खोलना किस नीति के अंतर्गत आता है? उन्होंने कहा कि यह प्रशासनिक मिलीभगत से जनता की भावनाओं और कानून दोनों के साथ छलावा है। “80 का 120 में, खुलेआम लूट” पटवारी ने यह भी दावा किया कि दुकान पर शराब के रेट कुछ और लिखे हैं, लेकिन असल में 80 रुपये की बोतल 120 में बेची जा रही है। यानी खुलेआम लूट की जा रही है और कोई देखने-सुनने वाला नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरी प्रक्रिया एक सोची-समझी साजिश के तहत की जा रही है ताकि शराब बिक्री पर लगे प्रतिबंधों के बावजूद राजस्व और अवैध वसूली जारी रहे। प्रशासन आया हरकत में वीडियो वायरल होने और जनदबाव के बाद उज्जैन एसपी ने कार्रवाई में तेजी दिखाई है। एसपी ने शहर की चारों दिशाओं में नगर सीमा से सटी शराब दुकानों के कर्मचारियों को हिरासत में लेकर बांड ओवर की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद पुलिस ने अलग-अलग थानों की टीम भेजकर दो दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लिया और उन्हें यह हिदायत दी कि खुलेआम शराब सेवन और यातायात बाधा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शराबबंदी पर फिर उठे सवाल इस घटनाक्रम ने एक बार फिर मध्य प्रदेश सरकार की शराबबंदी नीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। धार्मिक नगरी में शराबबंदी लागू कर सरकार ने अपनी छवि तो बनाई, लेकिन उसकी सीमाओं पर शराब दुकानें खोल कर इसका विपरीत संदेश दिया जा रहा है। विपक्ष का दावा है कि यह शराबबंदी महज दिखावा है, जबकि असल उद्देश्य केवल राजस्व और वसूली को बनाए रखना है। जनभावनाओं के साथ खिलवाड़? उज्जैन, जहां करोड़ों श्रद्धालु हर साल दर्शन के लिए आते हैं, वहां इस तरह की घटनाएं जनमानस की भावनाओं को आहत करने वाली हैं। जीतू पटवारी ने मांग की है कि इस पर तत्काल रोक लगाई जाए और उन अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए जो इस पूरी प्रक्रिया में शामिल हैं।

भक्ति, भव्यता और सेवा का संगम: महाकालेश्वर मंदिर में विशेष भस्म आरती, भक्तों ने किए लाखों के दान

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उज्जैन। सोमवार को शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि और विशेष संयोग के अवसर पर विश्वप्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धा और आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। तड़के चार बजे जैसे ही मंदिर के पट खुले, बाबा महाकाल की भस्म आरती का शुभारंभ हुआ, जिसमें देशभर से आए हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे। आरंभ में मंदिर के पंडा-पुजारियों द्वारा गर्भगृह में स्थापित भगवान महाकाल और अन्य देवताओं का पारंपरिक विधि-विधान से पूजन किया गया। इसके बाद बाबा को पंचामृत – दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से अभिषेक किया गया। प्रथम घंटाल बजाकर “हरि ओम” का जल अर्पित किया गया, फिर कपूर आरती के साथ बाबा का भव्य शृंगार आरंभ हुआ। 🔱 त्रिनेत्र और मुंडमाला से विशेष शृंगार इस सोमवार की भस्म आरती को विशेष बनाते हुए बाबा महाकाल को त्रिनेत्र और मुंडमाला से सजाया गया। उनके मस्तक पर चंद्रमा का चिह्न अंकित किया गया और रुद्राक्ष व नोटों की माला पहनाई गई। बाबा को चांदी का मुकुट धारण कराया गया और सुंदर पुष्पमालाओं से अलंकृत किया गया। इस विशेष शृंगार के बाद महानिर्वाणी अखाड़े द्वारा बाबा को भस्म रमाई गई और फिर अंतिम कपूर आरती की गई। श्रद्धालु बाबा के इस अद्भुत स्वरूप को देखकर भावविभोर हो गए और “जय श्री महाकाल” के नारों से सम्पूर्ण परिसर गुंजायमान हो उठा। 🛒 दर्शनार्थियों की सुविधा हेतु केनरा बैंक का योगदान इस अवसर पर केनरा बैंक की ओर से महाकाल मंदिर प्रबंध समिति को दो ई-कार्ट और 18 कनोपी टेंट भेंट किए गए। बैंक के एमडी सत्यनारायण राजू, चैयरमैन विजय रंगन और टीम ने मंदिर पहुँचकर यह भेंट अर्पित की। समिति की ओर से सुरक्षा प्रभारी अनुराग चौबे ने बैंक प्रबंधन का धन्यवाद ज्ञापित किया और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। ये ई-कार्ट्स और टेंट्स श्री महाकाल महालोक में दर्शनार्थियों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे। नीलकंठ पथ, त्रिवेणी संग्रहालय और नंदी द्वार से लेकर मुख्य गर्भगृह तक इनके ज़रिए सुविधाजनक आवागमन सुनिश्चित किया जा रहा है। 💰 श्रद्धालु का गुप्त दान: ₹1,01,000 नकद भेंट झारखंड से आए एक श्रद्धालु ने पुरोहित रूपम शर्मा और नवनीत शर्मा की प्रेरणा से बाबा महाकाल को ₹1,01,000 नकद दान किया। दानदाता ने अपनी पहचान गुप्त रखने का निवेदन किया, जिसे मंदिर प्रबंधन ने सम्मानपूर्वक स्वीकार किया। उन्हें विधिवत रसीद सौंपी गई और मंदिर समिति के विरेंद्र शर्मा व अभिषेक शर्मा द्वारा सम्मानित किया गया। 🌾 मंदिर की अन्य सेवाएं श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा नि:शुल्क अन्नक्षेत्र, गौशाला, और दान सेवा केंद्रों का संचालन किया जाता है। श्रद्धालुओं को समय-समय पर पुजारियों और अधिकारियों के माध्यम से दान देने के लिए प्रेरित किया जाता है। मंदिर की सभी व्यवस्थाएं दान और सेवाभाव से संचालित होती हैं, जिससे लाखों भक्तों को सुविधाजनक दर्शन और आध्यात्मिक अनुभव मिल पाता है। 📸 समापन भक्ति, सेवा और दान की त्रिवेणी से सजे इस सोमवार को बाबा महाकाल का दिव्य स्वरूप और उनकी भव्य आरती हर श्रद्धालु के मन में गहराई तक उतर गई। यह दिन न केवल श्रद्धा से भरा रहा, बल्कि सेवा और सहयोग के माध्यम से मानवता की मिसाल भी पेश की गई।

मां बगलामुखी धाम में श्रद्धा का स्वर्णिम अर्पण: भक्त ने चढ़ाया आधा किलो सोने का मुकुट

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उज्जैन, मध्यप्रदेश:नवरात्रि के पावन अवसर पर उज्जैन स्थित मां बगलामुखी धाम में भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। मां बगलामुखी की कृपा से अपनी मनोकामना पूर्ण होने पर एक श्रद्धालु ने मां को आधा किलो वजन का स्वर्ण मुकुट अर्पित कर अपनी श्रद्धा व्यक्त की। यह चढ़ावा गुप्त दान के रूप में अर्पित किया गया, जिसकी जानकारी धाम के महंत 1008 पीर योगी राम नाथ महाराज ने दी। विशेष पूजन-अभिषेक और भक्तों का उमड़ा जनसैलाब महंत योगी राम नाथ महाराज ने बताया कि नवरात्रि के पावन दिनों में मां बगलामुखी की विशेष पूजन, अभिषेक एवं अनुष्ठान हो रहे हैं, जिनमें देश-विदेश से हजारों की संख्या में श्रद्धालु भाग ले रहे हैं।श्रद्धालु इन विशेष अवसरों पर मां से मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए पूजा-अर्चना करते हैं और पूर्ण होने पर विभिन्न रूपों में दान और भेंट अर्पित करते हैं। ऐसा ही एक उदाहरण इस नवरात्रि में तब सामने आया, जब एक अज्ञात भक्त ने मां को 500 ग्राम शुद्ध सोने का मुकुट समर्पित किया। यह मुकुट अब मंदिर में मां बगलामुखी की प्रतिमा पर शोभायमान है। भक्ति, विश्वास और परंपरा का केंद्र – बगलामुखी धाम उज्जैन के भैरवगढ़ में स्थित यह मंदिर मां बगलामुखी के प्रमुख सिद्ध पीठों में से एक माना जाता है।यहां एक ही परिसर में मां प्रत्यंगिरा देवी, महाबली काल भैरव, श्री खाटू श्याम बाबा, महावीर हनुमान, स्फटिक शिवलिंग, नवनाथ, नवग्रह, श्री शनिदेव, और श्री मलंगनाथ सरकार की समाधि भी स्थापित हैं, जो इसे आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत विशिष्ट बनाता है। मिर्ची हवन से होती है विशेष साधना भारत के अन्य बगलामुखी शक्तिपीठों की तरह यहां भी विशेष अवसरों पर “मिर्ची से हवन यज्ञ” की परंपरा है। मान्यता है कि इस यज्ञ से शत्रुनाश, वशीकरण, और मनोकामना पूर्ति जैसे कार्य सिद्ध होते हैं।चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि में यहां विशेष भीड़ उमड़ती है और भक्तजन सिद्ध मंत्रों और अनुष्ठानों द्वारा मां का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। ✨ श्रद्धा का यह स्वर्णिम मुकुट सिर्फ एक चढ़ावा नहीं, बल्कि मां बगलामुखी की महिमा और भक्तों की अटूट आस्था का प्रतीक है। ✨

उज्जैन में शराब बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध, अवैध तस्करों पर पुलिस का सख्त एक्शन

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धार्मिक नगरी उज्जैन में 1 अप्रैल से शराब बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। सभी शराब की दुकानें और बीयर बार बंद कर दिए गए हैं। प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने के लिए पुलिस ने अवैध रूप से शराब बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। बुधवार को महाकाल थाना पुलिस ने छापेमारी कर एक महिला समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर 40 हजार रुपये की अवैध शराब जब्त की। शहर के प्रमुख मार्गों पर सख्त चेकिंग अभियान शराब बिक्री पर प्रतिबंध लागू होते ही पुलिस ने शहर के प्रवेश मार्गों और प्रमुख चौराहों पर जांच अभियान शुरू किया। महाकाल थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर भूखी माता मंदिर के पास दबिश देकर कमलाबाई पत्नी पप्पू बंजारा को 38 क्वार्टर देशी प्लेन शराब के साथ पकड़ा। इसके अलावा, पुलिस ने भूखी माता रोड, लालपुल रेलवे पटरी और शिप्रा नदी के किनारे भी कार्रवाई करते हुए कई अन्य शराब तस्करों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में गोंसा निवासी रमेश पिता भुवान रैकवार, निकास चौराहा निवासी प्रिंस पिता देवीलाल यादव, मुल्लापुरा निवासी संदीप पिता बनेसिंह गेहलोत और भूखी माता चौराहा निवासी गणेश उर्फ गाना माली शामिल हैं। पुलिस ने कुल 404 क्वार्टर देशी शराब (कीमत 40 हजार रुपये) जब्त की। गिरफ्तार आरोपियों में संदीप गेहलोत के खिलाफ पहले से महाकाल थाना में चार आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि गणेश माली के खिलाफ आठ आपराधिक रिकॉर्ड हैं। वाहनों की तलाशी, शहर में शराब प्रवेश रोकने की सख्ती दिनभर होटल और ढाबों की तलाशी के बाद शाम को पुलिस ने शहर के प्रवेश मार्गों पर सघन चेकिंग अभियान शुरू किया। बाहर से शराब लेकर आने वालों को रोकने के लिए वाहनों की सख्ती से जांच की जा रही थी। प्रमुख रूप से इंदौर-उज्जैन, देवास-उज्जैन, बड़नगर-उज्जैन, मक्सी-उज्जैन और आगर-उज्जैन मार्गों पर वाहनों की तलाशी ली गई। चेकिंग के दौरान कई वाहन चालक पुलिस को देखकर भागने लगे। ग्रामीण क्षेत्रों की पुलिस को भी अलर्ट किया गया, जिससे कोई व्यक्ति अवैध रूप से शराब लेकर शहर में प्रवेश न कर सके। होटलों और रेस्टोरेंट्स पर भी पुलिस की नजर पंवासा थाना प्रभारी रविंद्र कटारे ने बताया कि शराब प्रतिबंध के बाद एसपी प्रदीप शर्मा के निर्देश पर होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट्स पर भी सख्ती से कार्रवाई की जा रही है। एमपीईबी ग्रिड के पास शंकरपुर में अन्नपूर्णा रेस्टोरेंट में अवैध रूप से शराब परोसने की सूचना मिलने पर पुलिस ने छापा मारा। पुलिस को देखते ही शराब पी रहे लोग भाग निकले, लेकिन संचालक कुलदीप पिता अशोकसिंह बैस (निवासी बजरंग कॉलोनी, पंवासा) को गिरफ्तार कर लिया गया। रेस्टोरेंट की तलाशी में 53 क्वार्टर देशी शराब और 25 बीयर की केन बरामद हुई। कुलदीप के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34 और प्रतिबंध के बावजूद शराब परोसने के मामले में धारा 36 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। जब्त की गई शराब की कीमत 7 हजार रुपये से अधिक पाई गई। शराब तस्करों पर कड़ी कार्रवाई जारी उज्जैन पुलिस लगातार शराब तस्करों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। प्रतिबंध के बावजूद यदि कोई व्यक्ति अवैध रूप से शराब बेचता या परोसता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है कि धार्मिक नगरी उज्जैन में शराब पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए।

महाकालेश्वर मंदिर में चैत्र द्वितीया की भस्म आरती, भक्तों ने किया दिव्य दर्शन

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उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में चैत्र शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर सोमवार तड़के भस्म आरती का भव्य आयोजन किया गया। सुबह 4 बजे मंदिर के पट खुलते ही पुजारियों ने गर्भगृह में भगवान महाकाल और अन्य देव प्रतिमाओं का पवित्र जल, दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से पंचामृत अभिषेक कर पूजन-अर्चन किया। इसके बाद पहली घंटाल बजाकर “हरि ओम” जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के पश्चात बाबा महाकाल को चांदी का मुकुट, रुद्राक्ष, और पुष्पों की माला धारण करवाई गई। आज के विशेष श्रृंगार में अद्भुत स्वरूप में दिखे बाबा महाकाल 📿 आज के भस्म आरती श्रृंगार की विशेषताएं:✅ मस्तक पर चंद्र और त्रिपुंड से अलंकृत✅ फूलों की मनमोहक माला धारण✅ महानिर्वाणी अखाड़े द्वारा ज्योतिर्लिंग पर भस्म रमाई गई✅ विशेष कपूर आरती और भोग अर्पण बाबा के इस दिव्य स्वरूप के दर्शन के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे, जिन्होंने “जय श्री महाकाल” के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय कर दिया। भक्तों ने किया विशेष दान, बाबा को अर्पित किए रजत छत्र और मुकुट 🔹 मुरादाबाद से आए श्रद्धालु हिमांशु जुनेजा ने पुजारी गौरव शर्मा की प्रेरणा से भगवान महाकाल को रजत छत्र भेंट किया। मंदिर प्रबंधन समिति ने उनका सम्मान कर दान की विधिवत रसीद प्रदान की। 🔹 गुड़गांव के प्रफुल्ल माथुर ने पुजारी अर्पित शर्मा की प्रेरणा से एक चांदी का मुकुट बाबा महाकाल को अर्पित किया। 🔹 महाराष्ट्र के नांदेड से आए रोहित बागधरे ने भगवान महाकालेश्वर को रजत मुकुट मय नागकुंडल भेंट किया, जिसका वजन 2607.600 ग्राम था। मंदिर प्रबंध समिति ने इन सभी भक्तों का सम्मान कर उन्हें दान की विधिवत रसीद प्रदान की। भस्म आरती के महत्व और भक्तों की श्रद्धा 🙏 श्री महाकालेश्वर मंदिर की भस्म आरती पूरे देश में अपनी विशिष्टता के लिए प्रसिद्ध है। यह दिव्य आरती केवल महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में ही संपन्न होती है, जो मृत्यु के देवता महाकाल को समर्पित अनोखी परंपरा है। आज की भस्म आरती में उमड़े श्रद्धालुओं की अपार भीड़ ने भगवान के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर खुद को धन्य महसूस किया। मंदिर परिसर “हर हर महादेव” और “जय श्री महाकाल” के जयकारों से गूंज उठा। 🚩 “महाकाल की कृपा सदैव भक्तों पर बनी रहे।” 🚩

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंचाई परियोजना व अन्य विकास कार्यों का किया लोकार्पण व भूमिपूजन

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मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तराना में 2489.65 करोड़ रुपये की लागत से नर्मदा क्षिप्रा बहुउद्देशीय माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना एवं अन्य विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। यह परियोजना उज्जैन और शाजापुर जिले के कई गांवों को सिंचाई और पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराएगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने श्री तिलभांडेश्वर महादेव मंदिर के नए महंत की चादर विधि कार्यक्रम एवं महारुद्र यज्ञ में भी भाग लिया। साथ ही, उन्होंने श्री महंत प्रेमगिरी महाराज, वरिष्ठ अध्यक्ष पंचदशनाम जूना अखाड़ा से भेंट की। परियोजना की मुख्य विशेषताएं नर्मदा क्षिप्रा बहुउद्देशीय माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना के तहत कुल 100 ग्रामों की 30,218 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी। यह परियोजना विशेष रूप से उज्जैन जिले की तराना और घट्टिया तहसील तथा शाजापुर जिले की शाजापुर तहसील के गांवों को लाभान्वित करेगी। इस परियोजना के लिए कुल पुनरीक्षित राशि 2489.65 करोड़ रुपये निर्धारित की गई थी। इन क्षेत्रों को मिलेगा लाभ परियोजना से जल आपूर्ति की व्यवस्था तकनीकी संरचना इस परियोजना के अंतर्गत ओंकारेश्वर जलाशय (ग्राम बड़ेल, जिला खंडवा) से भूमिगत पाइपलाइन द्वारा 15 घन मीटर प्रति सेकंड की दर से जल 435 मीटर ऊंचाई तक उठाया जाएगा। जल को प्रवाहित करने के लिए 6 पंपिंग स्टेशन और 50 पंप मोटर का उपयोग किया जाएगा। इस पूरी परियोजना के सुचारु संचालन के लिए कुल 89 मेगावाट विद्युत ऊर्जा की आवश्यकता होगी। मुख्य पाइपलाइन और वितरण प्रणाली परियोजना के अंतर्गत मुख्य पाइपलाइन और वितरण प्रणाली 2.5 हेक्टेयर चक तक कुल 2,254 कि.मी. (3000 एम.एम. व्यास से 63 एम.एम. व्यास तक) बिछाई गई है। इसके अतिरिक्त, प्रति 20 हेक्टेयर पर एक ओ.एम.एस. बाक्स अर्थात कुल 1,539 बाक्स स्थापित किए गए हैं। अन्य विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर अन्य विकास परियोजनाओं का भी उद्घाटन और शिलान्यास किया, जिनमें शामिल हैं: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर कहा कि यह परियोजना न केवल किसानों के लिए वरदान साबित होगी बल्कि क्षेत्र के उद्योगों और आम नागरिकों की जल आवश्यकताओं को भी पूरा करेगी। उन्होंने परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए और क्षेत्र की जनता को इस महत्वपूर्ण विकास योजना के लिए बधाई दी।

उत्तरप्रदेश उपमुख्यमंत्री : केशव प्रसाद मौर्य पहुँचे उज्जैन, महाकालेश्वर मंदिर की भस्म आरती मे हुए शामिल…

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उत्तर प्रदेश के DEPUTY CM केशव प्रसाद मौर्य मंगलवार को उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे और भस्म आरती में शामिल हुए। इस दौरान वे बाबा महाकाल की भक्ति में लीन नजर आए। उन्होंने कहा कि भस्म आरती के दौरान जो आध्यात्मिक अनुभूति हुई, उसे शब्दों में बयां करना संभव नहीं है। महाकाल के दरबार में पूजा-अर्चना मंदिर के सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल के अनुसार, उपमुख्यमंत्री ने नंदी हॉल में बैठकर भस्म आरती के दर्शन किए। इसके बाद उन्होंने चांदी द्वार पर पहुंचकर पूजन-अभिषेक किया। मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने उन्हें तिलक लगाया, पुष्पहार पहनाया और आशीर्वाद दिया। इस दौरान मंदिर प्रबंध समिति की ओर से गौरव शर्मा ने उनका स्वागत किया। महाकाल की कृपा और प्रार्थना दर्शन के बाद मौर्य ने ‘जय श्री महाकाल’ का उद्घोष करते हुए कहा कि महाकाल के दरबार में आना सौभाग्य की बात है। भस्म आरती के दौरान भक्त और भगवान के बीच की दूरी जैसे मिट गई थी, और हर कोई भक्ति में डूबा नजर आ रहा था। उन्होंने देश और समाज की समृद्धि के लिए बाबा महाकाल से प्रार्थना की और बार-बार दर्शन का अवसर मिलने की कामना की।

उज्जैन : रेमो डिसूजा की महाकाल के प्रति भक्ति: भस्म आरती मे हुए शामिल…

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कोरियोग्राफर, फिल्म निर्देशक और निर्माता रेमो डिसूजा ने सोमवार को उज्जैन के महाकाल मंदिर में बाबा महाकाल की भस्म आरती में शिरकत की। भारतीय परिधान में सजकर रेमो ने दो घंटे तक चली इस पावन आरती के दौरान भक्ति का अनुभव किया। वह बाबा महाकाल की महिमा में जयकारे लगाते हुए नजर आए। बाबा महाकाल के प्रति रेमो की श्रद्धा महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित यश गुरु ने बताया कि रेमो डिसूजा ने 100 से अधिक बॉलीवुड फिल्मों में कोरियोग्राफी की है और उन्हें भारतीय डांस के बड़े चेहरों में से एक माना जाता है। यही नहीं, उन्होंने डांस रियलिटी शो ‘डांस प्लस’ के सातों सीज़न में जज के रूप में काम किया है। रेमो ने भस्म आरती में भाग लेने के लिए मंदिर के नंदी हॉल में प्रवेश किया। सोला और दुपट्टा पहने हुए रेमो ने पूरे समय ध्यान लगाकर बाबा महाकाल का निराकार से साकार रूप निहारा। भस्म आरती के दौरान वे कभी तालियां बजाते नजर आए, तो कभी एक टक बाबा के स्वरूप को देखते रहे। महाकाल के दर्शन का अनुभव पूजा-अर्चना के बाद मीडिया से बातचीत में रेमो ने महाकाल मंदिर की दर्शन व्यवस्था की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि मंदिर प्रबंधन और पुजारियों ने दर्शन का अनुभव अत्यंत सहज और सुखद बनाया है। रेमो ने दूसरे मंदिरों में भी इसी प्रकार की व्यवस्था लागू करने का सुझाव दिया। अगस्त 2024 में आया परिवार याद दिला दें कि रेमो डिसूजा इससे पहले अगस्त 2024 में भी अपने परिवार के साथ महाकाल के दर्शन के लिए आए थे। वे भस्म आरती में भी शामिल हुए थे और भगवान महाकाल की भव्यता से अभिभूत हुए थे। उन्होंने इस दौरान कहा था कि महाकाल के दर्शन और आरती का अनुभव अनोखा और अविस्मरणीय है।